मुरैना में नेशनल हाईवे-44 पर गुरुवार सुबह 22 लाख रुपए की लूट की कहानी फर्जी निकली है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि गुना के आलू व्यापारी अमन जाट चौधरी ने लूट की झूठी साजिश रची थी। पुलिस ने व्यापारी, उसके साथी बंटी किरार और कार चालक को हिरासत में ले लिया है। जांच में मामला अब लूट का नहीं, बल्कि साइबर फ्रॉड का सामने आया है। पुलिस तीनों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है। हिसाब नहीं दे पाया व्यापारी, कार से मिले कई ATM एडिशनल एसपी सुरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि हाइवे पर गुना के व्यापारी से लूट की बात जांच में झूठी पाई गई है। सुबह से पूछताछ के दौरान व्यापारी अमन जाट चौधरी 22 लाख रुपए होने का कोई दस्तावेज या सबूत पुलिस को नहीं दे पाया। जब पुलिस ने उनकी कार की तलाशी ली, तो उसमें से 4 मोबाइल और बड़ी संख्या में एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं। साथी बंटी किरार साइबर ठग, 14 महीने जेल में रहा पुलिस जांच में सामने आया है कि व्यापारी का साथी बंटी किरार का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। उस पर उत्तर प्रदेश के बनारस में साइबर फ्रॉड का मामला दर्ज है। वह हाल ही में 14 महीने की जेल काटकर बाहर आया है। पुलिस के मुताबिक, यह पूरा मामला साइबर फ्रॉड से जुड़ा हुआ है। मिर्ची झोंककर लूट की बताई थी कहानी इससे पहले, अमन ने पुलिस को बताया था कि गुरुवार तड़के 3 बजे सिकरौदा नहर के पास कार सवार बदमाशों ने ड्राइवर की आंखों में मिर्ची झोंककर 22 लाख रुपए लूट लिए। लेकिन ड्राइवर के बयानों और घटनास्थल की जांच के बाद पुलिस को मामला शुरू से ही संदिग्ध लग रहा था। ड्राइवर ने पुलिस को बताया था कि उसने व्यापारी के पास नोटों से भरा बैग देखा ही नहीं था और ग्वालियर में उन्होंने एटीएम से पैसे भी निकाले थे। बड़े खुलासे की उम्मीद अब मुरैना पुलिस अमन चौधरी, बंटी किरार और चालक से साइबर फ्रॉड के एंगल से पूछताछ कर रही है। पुलिस अधिकारियों को उम्मीद है कि पूछताछ में साइबर ठगी के किसी बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।


