ग्वालियर में 359 सड़क खराब, 160 रेड जोन में:गड्ढों-धूल से लोगों को स्लिप डिस्क, दमा की समस्या; 10 साल के बच्चे ने सीएम से मांगी मदद

एमपी में ग्वालियर शहर की सड़कों की बदहाली लगातार चर्चा में बनी हुई है। पिछले कुछ समय से शहर की सड़कें लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही हैं। महल रोड कई बार धंस चुकी है, वहीं शहर के अलग-अलग इलाकों में बने गहरे गड्ढे लोगों को दर्द और बीमारियां दे रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि महज छह महीने में ही वाहन दो-तीन साल पुराने नजर आने लगे हैं। स्कूल जाने वाले बच्चे धूल के गुबार में सफर करने को मजबूर हैं, जिससे सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इन्हीं हालातों से परेशान होकर एक मासूम ने अब सोशल मीडिया के जरिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मदद की गुहार लगाई है। 10 वर्षीय प्रिंस गुप्ता ने फेसबुक पर पोस्ट कर सीएम से अपील की है कि बेटी बचाओ चौराहे की सड़क जल्द ठीक कराई जाए। प्रिंस ने लिखा कि स्कूल जाते समय ऑटो में बहुत झटके लगते हैं, जिससे दर्द होता है और रोजाना परेशानी झेलनी पड़ती है। गौरतलब है कि सड़कों की खराब स्थिति को लेकर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी हाल ही में समीक्षा बैठक कर चुके हैं। उन्होंने बताया था कि शहर की 359 सड़कों को चिह्नित किया गया है, जिनमें 125 ग्रीन जोन, 63 येलो जोन और 171 सड़कें रेड जोन में शामिल हैं। रेड जोन की सड़कों की हालत बेहद खराब बताई गई है। वर्तमान में ऐसी सड़कों की संख्या करीब 160 तक पहुंच चुकी है, जो शहर की यातायात व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। शहर के लोग से लेकर सिंधिया तक चर्चा कर चुके हैं ग्वालियर में केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, प्रदेश सरकार में मंत्री नारायण सिंह, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, सांसद भारत सिंह कुशवाह जैसे दिग्गज होने के बाद भी ग्वालियर में सड़कों को लेकर जो हाल है वह अपने आप में पोल खोलता नजर आ रहा है, यह सभी दिग्गजों के बीच में तालमेल ठीक नहीं है। यही कारण है कि शहर के लोग जो आए दिन इन सड़कों की समस्याओं से दो चार हो रहे हैं, बल्कि केन्द्रीय मंत्री सिंधिया व सांसद भारत सिंह कुशवाह की समीक्षा बैठकों में भी 80 फीसदी समय शहर की सड़कों पर चर्चा में गुजर रहा है, लेकिन हालात जस के तस हैं। अभी भी रेड जोन में हैं 160 से अधिक सड़कें शहर की वीवीआईपी मार्ग मतलब गांधी रोड को छोड़ दिया जाए तो पूरे ग्वालियर में सड़कों पर इतने गड्‌ढे हैं कि लोग सड़कों पर कम गड्‌ढों में ज्यादा वाहन दौड़ा रहे हैं। यही कारण है कि ग्वालियर की 359 में से 160 सड़क अभी भी रेड जोन में हैं। इनमें सचिन तेंदुलकर मार्ग की हालत बेहद नाजुक है। इसके अलावा ईदगाह रोड, बेटी बचाओं चौराहा रोड, सिंहपुर रोड मुरार, गोला का मंदिर रोड, एमएच चौराहा रोड, सिरोल रोड, सिरोल बायपास रोड, चेतकपुरी रोड, बसंत विहार, बहोड़ापुर, शिंदे की छावनी, बहोड़ापुर तिराहा रोड थाटीपुर, रामकृष्ण आश्रम रोड, सरस्वती नगर रोड, कैलाश विहार रोड का यही हाल है। बच्चों ने की सीएम से अपील, सड़क सही करा दो सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक पर संदीप गुप्ता के नाम से बनी फेसबुक अकाउंट से एक वीडियो अपलोड हुआ है। इसमें 10 वर्षीय प्रिंस गुप्ता सीएम डॉ. मोहन यादव से कह रहा है कि ईदगाह कंपू से बेटी बचाओ चौराहा की रोड बेहद खराब है। बच्चा कह रहा है कि सीएम अंकल यह सड़क सही करा दो, जब स्कूल जाते हैं तो ऑटो में बहुत झटके लगते हैं दर्द होता है। इतनी धूल उड़ती है कि सांस लेना मुश्किल हो जाता है। ओपीडी में हर दिन आ रहे 100 पेशेंट जेएएच की ओपीडी में हर दिन 300 से ज्यादा मरीज आते हैं। इनमें 100 मरीज ऐसे होते हैं जिनको पीठ में दर्द, कंधे में दर्द, सांस की बीमारी होती है। जब इनकी केस स्टडी की जाती है तो पता लगता है इनके घर के आसपास जर्जर व खुदी सड़कों के कारण हर दिन कई बार इन सड़कों से गुजरने पर यह इन बीमारी के शिकार हो रहे हैं। जेएएच के प्रबंधक डॉ. मेवाफरोश ने बताया कि स्लीप डिस्क के केस बहुत ज्यादा आ रहे हैं। दो पहिया वाहन लेकर जर्जर सड़क से गुजरने के कारण सबसे ज्यादा लोग इसी बीमारी का शिकार हो रहे हैं। बीते चार माह में 200 से ज्यादा केस स्लीप डिस्क के आए हैं। इसके अलावा फेंफड़ों में हवा के साथ धूल जाने से अस्थमा जैसी बीमारी आम होती जा रही है। छह पहले खरीदे वाहन लगते हैं पुराने शहर की सड़कों की हालत से सिर्फ लोगों के स्वास्थ पर असर नहीं पड़ रहा है बल्कि जेब पर भी असर पड़ रहा है। शहर की सड़कों पर लगातार चलने के कारण वाहनों में कमी आ रही है। शिंदे की छावनी ऑटो शॉप के संचालक व हेड मैकेनिक अनिल अग्रवाल ने बताया है कि जर्जर सड़कों पर चलने वाले वाहनों के सोकर में लगातार परेशानी आ रही है। छह महीने में ही गाड़ी के सोकर काम मांगने लगे हैं। क्लच प्लेट तो दो से तीन महीने में ही बदलवा पड़ रही है। चार पहिया वाहनों पर सस्पेंशन खराब हो रहे हैं। छह महीने में वाहन की हालत ऐसी हो रही है, जैसे दो से तीन साल पुराना है। बच्चे बोले- स्कूल पहुंचा मुश्किल दैनिक भास्कर से बात करते हुए बच्चे अनूप ने बताया कि सड़क खुदी होने कारण उससे धूल उठाती है और हमें सांस लेने में दिक्कत होती है, सड़क पर गड्ढे होने कारण हमें बस में चोट भी लग चुकी है। गड्ढे के कारण बस बहुत हिलती है, इसलिए हम कलेक्टर मैडम से निवेदन करना चाहते हैं कि खुदी पड़ी सिरोल रोड को सही करवा दें। बच्चे शुभ प्रभात का कहना है कि वह 5 साल का है और पांचवी कक्षा पड़ता है, जब हम खुदी हुई सड़क से गुजरते हैं तो हमें सांस लेने में दिक्कत होती है। सड़क पर इतने बड़े-बड़े गड्ढे होते हैं कि बस हिल कर चलती है इसी कारण हमें कई बार चोट भी लग जाती है। सिरोही रोड पर स्थित एक समिति में रहने वाली नेहा उपाध्याय ने बताया कि ग्वालियर में आने का हमारा उद्देश था कि ग्वालियर काफी डेवलप हो रहा है। क्योंकि यहां अच्छी-अच्छी सोसाइटी डेवलप हो रही थी। पर यहां पर आकर हमें पता चला है कि रोड़ों की कंडीशन कितनी खराब है। बच्चे बसों में जाते हैं इसलिए हमें फिक्र लगी रहती है कि हमारे बच्चे सुरक्षित घर पर आ जाएं। वही एक अन्य महिला ने बताया कि रोड पर गड्ढों के कारण उनके पति को कमर में दर्द की शिकायत हो गई है। उन्होंने कई बार अपना ट्रीटमेंट करवा लिया है लेकिन अभी तक उनकी प्रॉब्लम खत्म नहीं हुई है क्योंकि सड़कों पर इतने गड्ढे हैं कि अगर उनके पति को दर्द में आराम भी आ जाता तो दुबारा गड्ढे में जर्क लगने से वही प्रॉब्लम फिर से खड़ी हो जाती है।

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