झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने गुरुवार को धनबाद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (डीआईटी), झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (जेयूटी) और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के खिलाफ सीबीआई जांच के आदेश पर अस्थायी रोक लगा दी। इस मामले की अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी। यह विवाद शैक्षणिक सत्र 2025-26 में छात्रों के नामांकन और प्रवेश नियमों से जुड़ा है। इससे पहले 13 जनवरी को हुई सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने जेयूटी, एआईसीटीई और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई जांच का आदेश दिया था। इसके बाद जेयूटी की ओर से जांच पर रोक के लिए याचिका दायर की गई, जिस पर सुनवाई हुई। यह है पूरा मामला : एआईसीटीई ने डीआईटी में प्रवेश सीटों की संख्या 60 से बढ़ाकर 120 कर दी थी। इसके आधार पर झारखंड कंबाइंड एंट्रेंस के जरिए सीट आवंटन कर छात्रों का नामांकन लिया गया। इधर, जेयूटी की एफिलिएशन कमेटी ने डीआईटी के इंफ्रास्ट्रक्चर की जांच के बाद उसे अपर्याप्त बताते हुए केवल 60 सीटों के लिए ही संबद्धता दी। इसके विरुद्ध डीआईटी हाईकोर्ट चली गई। इधर, छात्रों व अभिभावकों की चिंता है कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो पूरे सत्र पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।


