भास्कर न्यूज | जालंधर आर्टफिशियल इंटेलीजेंस के दौर में बच्चों को तकनीक के साथ आगे बढ़ाना, लेकिन इसके लिए साथ-साथ अपने हुनर को लेकर आत्मनिर्भर बनाना भी जरूरी है। शिक्षा जगत दुनिया में तेजी से बदल रहा है। जालंधर को भी तैयार रहना होगा। जालंधर के शिक्षाविदों ने उक्त बात पर तवज्जों दी है। जालंधर के टीचर बदले दौर में टीचिंग के तौर तरीके कैसे हों? इस सवाल पर तो मंथन कर ही रहे हैं, उनका मानना है कि पै रेंट्स की भूमिका भी बढ़ गई है। वीरवार को दैनिक भास्कर के जालंधर सिटी आफिस में ग्रुप डिस्कशन में कई पहलू सामने आए। इस चर्चा में पोदार इंटरनेशनल स्कूल, मानव सहयोग, सीटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, सोमरसेट इंटरनेशनल स्कूल और सीजेएस पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल व शिक्षक शामिल हुए। चर्चा के दौरान शिक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया, जिनमें पढ़ाई में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की भूमिका, छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य, स्किल बेस्ड एजुकेशन और बच्चों के विकास में पैरेंट्स-टीचर्स की साझेदारी जैसे विषय प्रमुख रहे। एआई शिक्षा को आसान बना रहा, इससे समय की बचत अभिभावकों को केवल अंकों पर ही नहीं, बल्कि बच्चों की स्किल्स पर भी ध्यान देना चाहिए। यह समझना जरूरी है कि बच्चा किस विषय में रुचि और क्षमता रखता है, ताकि उसी दिशा में उसकी स्किल्स को विकसित किया जा सके। वह कहते हैं कि माता पिता को टीचर के साथ तालमेल करके बच्चे के विकास में योगदान देना चाहिए। एआई शिक्षा को आसान बना रहा है और इससे बच्चों का समय बचता है। उन्होंने कक्षा में एआर-वीआर जैसी तकनीकों के इस्तेमाल पर जोर देते हुए कहा कि इससे बच्चे चीजों को प्रैक्टिकल तरीके से समझ पाते हैं। – डॉ. अनुराग शर्मा, कैंपस डायरेक्टर, सीटी ग्रुप अपने बच्चों की स्किल्स पर ध्यान दें अभिभावक… बच्चों के विकास में पैरेंट्स और टीचर्स को मिलकर काम करना चाहिए, तभी सही परिणाम सामने आएंगे। बच्चों की स्किल्स पर भी ध्यान दें अभिभावक, चर्चा के दौरान पढ़ाई में एआई के योगदान पर भी विस्तार से बात की गई। -चेतना, सीजेएस पब्लिक स्कूल घर का माहौल सकारात्मक होना बच्चों के लिए बेहद जरूरी… बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए घर का माहौल सकारात्मक होना बेहद जरूरी है। नकारात्मक वातावरण का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई और मानसिक स्थिति पर पड़ता है। उन्होंने सुझाव दिया कि अभिभावकों के लिए भी नियमित सेशन आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि वे बच्चों की जरूरतों को समझ सकें। -वनीता चड्ढा, प्रिंसिपल सोमरसेट इंटरनेशनल स्कूल माता-पिता की अपेक्षाएं बच्चों पर मानसिक दबाव डाल रहीं… वर्तमान समय में बच्चों के विकास के लिए मानसिक स्वास्थ्य बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि प्रतिस्पर्धा, दोस्तों का दबाव और माता-पिता की अपेक्षाएं बच्चों पर मानसिक दबाव डाल रहीं हैं। ऐसे में छात्रों के लिए अवेयरनेस कैंपेन चलाकर इस समस्या को संबोधित करने की जरूरत है। -रोहिनी रोहित गुरंग, प्रिंसिपल पोदार इंटरनेशनल स्कूल


