राज्य में 5 हजार शिक्षकों की भर्ती होगी। इसके लिए व्यावसायिक परीक्षा मंडल व्यापमं के माध्यम से परीक्षा होगी। फरवरी में भर्ती के लिए विज्ञापन जारी होगा। गुरुवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महानदी भवन में शिक्षा विभाग की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने राज्य में शिक्षकों की कमी को लेकर नए पदों पर भर्ती प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के आदेश दिए। अगले शिक्षा सत्र के पहले शिक्षकों की पोस्टिंग करने की तैयारी है। यह भी निर्णय लिया गया कि परीक्षा-2023 की प्रतीक्षा सूची की मान्यता नहीं बढ़ाई जाएगी। ताकि पिछले वर्षों में उत्तीर्ण युवाओं को शासकीय सेवा में आने का मौका मिल सके। 56 हजार शिक्षकों के पद खाली, 40 हजार बेरोजगार तो टेट की परीक्षा पास कर चुके राज्य में शिक्षकों के 56 हजार से ज्यादा पद खाली हैं। इससे निपटने के लिए पिछले साल अप्रैल-मई में युक्तियुक्तकरण किया गया। इसमें एक ही परिसर के स्कूलों को मर्ज किया गया। प्राथमिक और मिडिल स्कूलों की मॉनीटरिंग का जिम्मा हायर सेकेंडरी के प्राचार्य को सौंपा गया ताकि खाली पदों की कमी को दूर किया जा सके। फिर भी शिक्षकों की कमी दूर नहीं हुई। हालांकि अभी केवल 5 हजार शिक्षकों की भर्ती का फैसला लिया गया है। पड़ताल में पता चला कि करीब 40 हजार से ज्यादा बेरोजगार युवक तो टेट पास कर चुके हैं। शिक्षक के लिए टेट अनिवार्य कर दिया गया है। इस लिहाज से अब 40 हजार टेट पास बेरोजगार 5 हजार पद के लिए आवेदन करेंगे।


