सनातन धर्मावलंबियों ने प्रयागराज में ज्योतिष पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य के साथ हुए दुर्व्यवहार के विरोध में गुरुवार को राष्ट्रपति के नाम जिलाधीश को ज्ञापन सौंपा। दोपहर 3 बजे सिविल लाइन चौराहे से कलेक्टर कार्यालय तक पैदल मार्च किया गया। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि मोनी अमावस्या पर्व के अवसर पर 18 जनवरी को संगम तट पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की पालकी और उनके दंडी स्वामी, ब्रह्मचारी एवं शिष्यों के साथ मारपीट की गई। संतों को लाठी, घूसों और पैरों से मारा गया, जबकि वटुक ब्रह्मचारियों को शिखा पकड़कर खींचा गया। बाबा जगदीशानंद ने कहा कि हिन्दू विरोधी योगी सरकार द्वारा हुए इस कृत्य की न्यायिक जांच कर प्रयागराज मेला अधिकारी और पुलिस कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ज्ञापन में मांग की गई कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शंकराचार्य से तुरंत माफी मांगें और उन्हें सम्मानपूर्वक गंगा स्नान कराया जाए। पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजकुमार पचौरी ने कहा कि सनातन धर्म का अपमान सहा नहीं जाएगा। इस मौके पर बाबा जगदीशानंद, पुरोहित पुजारी संघ के अध्यक्ष शिवप्रसाद तिवारी, भगवत कृष्ण महाराज, पप्पू तिवारी, अंकलेश्वर अन्नी दुबे, राममिलन तिवारी, अरविंद मिश्रा, बिट्टू चौहान, वरूण सिंह, आशुतोष वाजपेयी सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।


