सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत चिरमिरी पुलिस ने सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की जान बचाने और आम नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने रक्तदान शिविर का आयोजन किया। यह शिविर चिरमिरी पुलिस व रेड क्रॉस सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को जिला अस्पताल, बड़ा बाजार चिरमिरी में हुआ। शिविर में 51 रक्तदाताओं ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। इनमें 5 महिलाओं ने भी भागीदारी निभाई। शिविर का आयोजन पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह व सीएसपी दीपिका मिंज के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी विजय सिंह के नेतृत्व में हुआ। कार्यक्रम के दौरान पुलिस विभाग के कर्मचारियों के साथ-साथ आम नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की। थाना प्रभारी विजय सिंह ने कहा सड़क दुर्घटनाओं को रोकने केवल पुलिस प्रशासन के प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की जनभागीदारी आवश्यक है। यदि हर नागरिक यातायात नियमों का पालन स्वयं से प्रारंभ करे तो दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि रक्तदान शिविर का उद्देश्य न केवल घायलों की जान बचाना है, बल्कि समाज में सेवा और सहयोग की भावना को भी प्रोत्साहित करना है। उन्होंने यह भी बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को समय पर रक्त उपलब्ध होना जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर तय करता है। रक्तदान करने से शरीर में कमजोरी नहीं आती पैथोलॉजी चिकित्सक डॉक्टर स्नेहा वर्मा ने रक्तदान को लेकर फैली भ्रांतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पूरी तरह गलत धारणा है कि रक्तदान करने से शरीर में कमजोरी आती है। उन्होंने बताया कि रक्तदान के बाद शरीर 24 घंटे के भीतर नए रक्त का निर्माण कर लेता है और इससे किसी प्रकार की शारीरिक हानि नहीं होती। उन्होंने सभी स्वस्थ नागरिकों से नियमित रूप से रक्तदान करने की अपील की।


