स्वतंत्रता संग्राम के महानायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर नागौर जिले के खींवसर कस्बे में राष्ट्रभक्ति का अभूतपूर्व नजारा देखने को मिला। कस्बे के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों और स्थानीय युवाओं द्वारा ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प के साथ एक विशाल शौर्य रैली का आयोजन किया गया। इस भव्य आयोजन के दौरान समूचा कस्बा देशभक्ति के तरानों और भारत माता की जयघोष से गुंजायमान रहा। रैली में शामिल विद्यार्थियों का उत्साह देखते ही बन रहा था, जो विभिन्न महापुरुषों और सेना के स्वरूप में सजकर देश की गौरवगाथा का बखान कर रहे थे। रथ और घोड़ों पर सजी शौर्य की गाथा रैली का मुख्य आकर्षण घोड़ों और रथों पर सजी आकर्षक झांकियां रहीं, जिन्हें देखने के लिए सड़कों के दोनों ओर ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा। पारंपरिक वाद्य यंत्रों और देशभक्ति के गीतों के बीच निकली इन झांकियों में भारतीय इतिहास के गौरवशाली पलों को जीवंत किया गया। रथों पर सवार होकर विद्यार्थी महापुरुषों के संदेशों को आमजन तक पहुंचा रहे थे। सेना के शौर्य और खेल प्रतिभा का प्रदर्शन रैली में भारतीय सेना के विभिन्न अंगों की झांकियों ने उपस्थित जनसमूह में जोश भर दिया। विद्यार्थियों ने थल सेना, जल सेना और वायु सेना की वर्दी धारण कर देश की रक्षा में मुस्तैद जवानों का प्रतिनिधित्व किया। इन झांकियों के माध्यम से देश की सैन्य शक्ति और तकनीकी विकास का प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही देश का मान बढ़ाने वाले खिलाड़ियों के सम्मान में खेल जगत से जुड़ी झांकियां भी निकाली गईं, जो युवाओं को शारीरिक दक्षता और खेल भावना के प्रति प्रेरित कर रही थीं। राजस्थानी सभ्यता और लोक संस्कृति की झलक भी इस रैली का अभिन्न हिस्सा रही। पुष्प वर्षा से हुआ भव्य स्वागत जैसे ही यह शौर्य रैली कस्बे के मुख्य मार्गों और बाजार से होकर गुजरी, स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों ने पलक-पावड़े बिछाकर इसका स्वागत किया। कस्बे के मुख्य चौराहों और मकानों की छतों से ग्रामीणों ने रैली पर पुष्प वर्षा की। कस्बेवासियों ने एकजुट होकर नेताजी के ‘जय हिंद’ के नारे को बुलंद किया। इस आयोजन ने न केवल नेताजी के योगदान को याद किया, बल्कि नई पीढ़ी में देशप्रेम की भावना का भी संचार किया।


