नगर निगम कीं मेयर हरप्रीत कौर बबला ने अपनी कार्यकाल के आखिरी दिनों में नाराजगी जाहिर की है कि चंडीगढ़ के सांसद मुनीष तिवारी ने उन्हें बिल्कुल भी सहयोग नहीं दिया है। जबकि वह उनके पति दविंदर सिंह बबला के अच्छे दोस्त भी हैं। जब उन्हाेंने चंडीगढ़ नगर निगम मेयर का पद संभाला तो उनके पास ठेकेदारों को देने लिए पैसे नहीं थे और कर्मचारियों को देने के लिए वेतन तक नहीं था। उनकी तरफ से अपने कार्यकाल के दौरान अपने द्वारा किए गए कामों के बारे में जानकारी देने के लिए पत्रकारवार्ता बुलाई थी। इस समय उनके साथ प्रदेश अध्यक्ष जतिंदरपाल मलहोत्रा व संजीव राणा मौजूद थे। काम करने के लिए समय कम, बढ़ना चाहिए मेयर का कार्यकाल मेयर हरप्रीत कौर बबला ने कहा कि अभी भी बहुत से काम थे जो वह करना चाहती थीं, समय कम होने के कारण वह नहीं कर पाई हैं। मेयर का कहना था कि मेयर के लिए एक वर्ष का समय बेहद कम है। इसके दो से ढ़ाई वर्ष किया जाना चाहिए। कारण है कि जो भी मेयर आता है उसे टेंडर और दूसरी लंबी प्रक्रिया के बाद काम करवाने होते हैं और वह नहीं करवा पाते हैं। उनकी तरफ से सांसद द्वारा पांच साल का मेयर लाए जाने के सांसद में लाए प्राईवेट बिल का समर्थन भी नहीं किया है। वह दो काम जो वह नहीं करवा पाईं मेयर हरप्रीत कौर बबला ने गिनवाईं यह उपलब्धियां


