राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने पर जिले के सभी राजकीय कार्यालयों में सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत का वाचन किया गया। यह आयोजन राष्ट्रगीत के गौरवशाली इतिहास का स्मरण करने के लिए किया गया था। जिला कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्य कार्यक्रम आयोजित हुआ। यहां विभिन्न अनुभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने राष्ट्रगीत का सामूहिक वाचन किया। इस दौरान सरकारी कार्यालयों में ‘वंदे मातरम’ के स्वरों ने वातावरण को देशभक्ति से भर दिया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य ‘स्वतंत्रता का मंत्र-वंदे मातरम’ और ‘समृद्धि का मंत्र-आत्मनिर्भर भारत’ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना था। उपस्थित कार्मिकों ने देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखने के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर शिक्षा विभाग के सहायक निदेशक धनराज मीणा और तहसीलदार कमलेश जैन मौजूद रहे। इनके साथ ही कलेक्ट्रेट के विभिन्न विभागों के अनुभाग अधिकारी, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, राजस्व विभाग और अन्य विभागों के कर्मचारियों ने भी राष्ट्रगीत वाचन में उत्साहपूर्वक भाग लिया।


