भाजपा नेता बोले-कांग्रेस ने मनरेगा को भ्रष्टाचार का ATM बनाया:वीबी जी राम जी से लगेगा डिजिटल ताला, राज्यों की जवाबदेही भी तय कीं

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी ने कहा- जिस कांग्रेस ने दशकों तक देश की संपत्तियों और योजनाओं को केवल एक परिवार के नाम की जागीर समझा, आज उसे विकसित भारत और जी राम जी के नाम से पेट में दर्द हो रहा है। कांग्रेस को ‘राम’ नाम से इतनी नफरत क्यों है? यह विधेयक महात्मा गांधी की सोच के अनुरूप और देश के गरीब कल्याण के संकल्प को सिद्ध करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप ग्रामीण विकास का नया ढांचा खड़ा करने की दिशा में उठाया गया कदम है। कांग्रेस ने मनरेगा को ‘भ्रष्टाचारियों का एटीएम’ बना दिया
भाजपा प्रदेश महामंत्री बगडी आज भीलवाड़ा प्रवास पर पहुंचे। इस दौरान भाजपा जिला कार्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस के विरोध पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने मनरेगा को ‘भ्रष्टाचारियों का एटीएम’ बना दिया था, मोदी सरकार ने 11 साल में उसे ‘मजदूरों की तिजोरी’ बना दिया और अब ‘जी राम जी’ विधेयक उस पर ‘डिजिटल ताला’ है, जिसे कोई चोर नहीं खोल पाएगा।”​ कांग्रेस कितनी भी साजिशें रच ले, देश 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनकर रहेगा। मनरेगा भ्रष्टाचार का पर्याय बन गया था
बगड़ी ने आंकड़ों को रखते हुए कहा कि मनरेगा भ्रष्टाचार का पर्याय बन गया था। अकेले 2024-25 में 193.67 करोड़ रुपए का गबन हुआ। 23 राज्यों में जांच के दौरान ऐसे काम मिले, जो केवल कागजों पर थे। मनरेगा में श्रमिकों के बजाय मशीनों से काम कराया गया और अटेंडेंस में भारी फर्जीवाड़ा मिला। पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में तो बिना काम के ही पैसे डकारे गए। कांग्रेस सिर्फ आरोप लगाती है, लेकिन सच यह है कि मनरेगा पर अब तक हुए कुल 11.74 लाख करोड़ रुपए के खर्च में से 8.53 लाख करोड़ रुपए अकेले मोदी सरकार ने खर्च किए हैं। ​वीबी जी राम जी 2047 के विकसित भारत की नींव
बगड़ी ने बताया कि नया ‘विकसित भारत – रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)’ वीबी जी राम जी विधेयक, 2025 क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। इससे किसान, मजदूर और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा- अब ग्रामीण परिवारों को 100 के बजाय 125 दिन का काम मिलेगा, जिससे उनकी आय में 25% की सीधी वृद्धि होगी। वन क्षेत्र के अनुसूचित जनजाति कामगारों को 25 दिन का अतिरिक्त रोजगार (कुल 150 दिन) मिलेगा। मजदूरों को 15 दिन इंतज़ार नहीं करना होगा, उन्हें हर हफ्ते पेमेंट दिया जाएगा। भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने के लिए एआई (AI), जीपीएस (GPS) और बायोमेट्रिक सत्यापन का उपयोग होगा। अब ‘बिचौलियों’ का धंधा बंद होगा। बुआई और कटाई के समय श्रमिकों की कमी न हो, इसके लिए 60 दिनों की ‘नो वर्क’ अवधि का प्रावधान किया गया है, जिससे खेती को संजीवनी मिलेगी। केवल गड्ढे खोदने के बजाय अब ‘जल सुरक्षा’ (अमृत सरोवर), ग्रामीण सड़कों और जलवायु अनुकूल बुनियादी ढांचे साहिर आजीविका ढांचे पर ध्यान दिया जाएगा। 60:40 का अनुपात और राज्यों की जवाबदेही तय की
विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करते हुए बगड़ी ने कहा कि इस योजना को ‘केंद्र प्रायोजित’ (60:40 अनुपात) बनाकर मोदी सरकार ने राज्यों के प्रति अपनी संवेदनशीलता और जवाबदेही दिखाई है। ग्रामीण रोजगार एक स्थानीय विषय है, इसलिए अब केंद्र मानक तय करेगा और राज्य इसे लागू करेंगे। इससे राज्यों में होने वाले गबन पर लगाम लगेगी और पंचायतों को ‘विकसित ग्राम पंचायत प्लान’ बनाने की वास्तविक शक्ति मिलेगी।कांग्रेस ने योजनाओं के नाम बदलने के अलावा कोई काम नहीं किया, जबकि मोदी सरकार ने पूरी व्यवस्था ही बदल दी l वीबी जी राम जी मिशन से बिचौलियों का धंधा बंद होगा और पारदर्शिता से कार्य होगा। इनकी रही मौजूदगी
वार्ता के दौरान जिला प्रभारी संजय जैन ताऊ, जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा, विधायक गोपाल खंडेलवाल, जब्बर सिंह सांखला, लादूलाल पीतलिया, लालाराम बैरवा, वीबी जीरामजी जिला संयोजक बाबूलाल आचार्य, जिला प्रवक्ता अंकुर बोरदिया भी मंचासीन रहे।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *