नीमच में एक ट्रेलर ने बाइक सवार दो युवकों को कुचल दिया। दोनों युवक ट्रेलर में फंस गए, जिससे करीब 50 फीट तक घसीटते गए। ट्रेलर लोहे की रेलिंग तोड़ते हुए बिजली के खंभे पर टकराकर खेत में घुस गया। खंभे भी टूट गए। युवकों के शवों के चीथड़े उड़ गए। हादसा कैंट थाना क्षेत्र में भरभड़िया फंटे पर गुरुवार रात हुआ। हादसे के बाद ट्रेलर में फंसे क्षत-विक्षत शवों को निकालने के लिए क्रेन बुलाई गई। लेकिन ट्रेलर क्रेन से हिल भी नहीं पाया। इसके बाद तीन बुलडोजर बुलाए गए। देर रात तक कड़ी मशक्कत के बाद शवों को ट्रेलर से निकाला गया। हादसे के बाद की तीन तस्वीरें… रेलिंग तोड़कर खेत में घुसा ट्रेलर
तेज रफ्तार ट्रेलर सीमेंट क्लिंटर लेकर मंदसौर जा रहा था। वहीं, बाइक सवार नीमच से जावद की ओर जा रहे थे। इसी दौरान ट्रेलन ने बाइक सवारों को चपेट में ले लिया। करीब 50 फीट तक घसीटता हुआ ले गया। बेकाबू ट्रेलर चौराहे पर लगी लोहे की रेलिंग तोड़कर पास के खेत में जा घुसा। इस दौरान बिजली के खंभे भी टूट गए, जिससे 11,000 केवी की हाईटेंशन लाइन में स्पार्किंग हुई और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। ट्रेलर नहीं हिला पाई क्रेन
हादसे की सूचना मिलते ही एडिशनल एसपी नवल सिंह सिसोदिया, सीएसपी किरण चौहान और कैंट थाना प्रभारी निलेश अवस्थी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। 108 एम्बुलेंस और डायल 112 की टीमें भी तुरंत पहुंचीं। सीमेंट क्लिंकर से लदा होने के कारण ट्रेलर काफी भारी हो गया था। पुलिस ने क्रेन बुलाई, जो ट्रेलर को हिला भी नहीं पाई। तीन जेसीबी की मदद से निकाले शव
शवों को निकालने के लिए तीन जेसीबी मशीनें बुलाई गईं। सड़क पर ही ट्रेलर से क्लिंकर खाली किया गया, जिसके बाद भारी पहियों और केबिन के नीचे दबे शवों को निकालने का काम शुरू हुआ। करीब तीन घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद रात 11:30 बजे पहला शव निकाला जा सका, जबकि दूसरे शव को निकालने में रात के 12:30 बज गए। दोनों युवकों के शव क्षत-विक्षत
मृतकों की पहचान सरवानिया महाराज निवासी गोविंद पिता रामचंद्र रैगर और भूपेंद्र सिंह राजपूत के रूप में हुई है। एक युवक का सिर फट गया था, जबकि दूसरा बाइक सहित केबिन के नीचे ऐसा फंसा था कि उसका शरीर बिखर गया। पुलिस ने देर रात मृतकों के परिजनों को हादसे की सूचना दी। ट्रेलर (NL01AH0720) को जब्त कर लिया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। शुक्रवार को जिला अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। गोविंद के दो बेटे, भूपेंद्र तलाकशुदा था
मृतक गोविंद रैगर के भाई पारसमल रैगर ने बताया कि गोविंद और भूपेंद्र मजदूरी के लिए रोज नीमच जाते थे और रात में लौटते थे। गोविंद अपने परिवार में अकेला कमाने वाला था। उसकी शाादी साल 2015 में हुई थी। उसके दो बेटे हैं, जिनकी उम्र लगभग 4 और 8 साल है। इस घटना से परिवार टूट गया है। ग्रामीणों ने बताया कि भूपेंद्र सिंह उर्फ सोनू राजपूत की शादी हुई थी। लेकिन उसका तलाक हो चुका है। वह छत डालने की सेंटिंग का काम करता था। उसके परिवार में माता-पिता और भाई जितेंद्र सिंह हैं।


