भास्कर न्यूज | जालंधर शहर से सटे इलाके रायपुर बल्लां में स्थित एक बिस्किट और भुजिया बनाने वाली फैक्ट्री में शुक्रवार को भीषण आग लग गई। शाम 5:30 बजे लगी आग देररात तक बुझाई न जा सकी। आग की लपटें इतनी भयानक थीं कि आसमान में दूर-दूर तक धुएं का गुबार देखा गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति पर काबू पाया। दमकल विभाग के अधिकारी राजेंद्र सहोता ने बताया कि ग्लोरी फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिलते ही टीमें रवाना कर दी गई थीं। फैक्ट्री में बिस्किट के साथ-साथ भुजिया बनाने का काम होता था, जिसके कारण वहां भारी मात्रा में तेल और अन्य ज्वलनशील पदार्थ रखे थे। इसी वजह से आग बुझाने में दमकल कर्मियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। आग पर काबू पाने के लिए लगभग 40 गाड़ियों के पानी का इस्तेमाल किया गया। वहीं इस बचाव कार्य के दौरान दमकल विभाग का एक कर्मचारी ऊंचाई से गिरने के कारण घायल हो गया, जिसे तुरंत उपचार के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। आग लगने के सही कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन प्राथमिक दृष्टया शॉर्ट सर्किट मुख्य कारण माना जा रहा है। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि फैक्ट्री के भीतर चौबीस घंटे भट्टियां जलती रहती थीं। संभावना है कि किसी भट्टी की चिंगारी से यह हादसा हुआ हो। मौके पर पहुंची जालंधर पुलिस ने बताया कि आग लगते समय फैक्ट्री के अंदर कर्मचारी मौजूद थे, लेकिन राहत की बात यह रही कि सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। फैक्ट्री मालिकों ने कहा कि आग बुझने के बाद ही नुकसान का सही आंकलन किया जा सकेगा। हालांकि, जिस तरह से फैक्ट्री का ढांचा और अंदर रखा कच्चा व तैयार माल जलकर राख हुआ है, उससे लाखों रुपए के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। रायपुर बल्लां के निवासियों ने भी बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर मदद की कोशिश की, लेकिन आग की भीषण तपिश के कारण लोग फैक्ट्री के करीब जाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। पुलिस का कहना है कि आग पूरी तरह शांत होने के बाद फॉरेंसिक जांच करवाई जाएगी ताकि हादसे की असल वजह सामने आ सके। आग की लपटें और मौजूद लोग।


