भास्कर न्यूज |गिरिडीह राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग, झारखंड सरकार के सदस्य नरेश वर्मा ने शुक्रवार को शहर स्थित न्यू सर्किट हाउस में एक प्रेस वार्ता आयोजित की। प्रेस वार्ता के माध्यम से उन्होंने आम लोगों को भरोसा दिलाया कि पिछड़ा वर्ग से संबंधित समस्याओं और लंबित कार्यों का समाधान हर हाल में किया जाएगा।नरेश वर्मा ने कहा कि लगातार ऐसी सूचनाएं मिल रही हैं कि पिछड़ा वर्ग से जुड़े कई ऐसे कार्य, जो आसानी से हो जाने चाहिए थे, वे अब तक नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी विभिन्न स्थानों पर बैठक कर लोगों को आश्वस्त किया गया था कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। इसी क्रम में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक निर्देश दिए गए हैं और उनसे रिपोर्ट भी मांगी गई है। उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग आयोग लगातार संबंधित अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर समस्याओं के समाधान के लिए प्रयासरत है। हाल ही में स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मचारियों द्वारा किए गए धरना-प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि इस मामले को आयोग ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा कर्मचारियों को दिए जा रहे वेतन और ईपीएफ (ईपीएफ/ईएसआई) से संबंधित विवरण की सूची सिविल सर्जन से मांगी गई है। यदि निर्धारित समय पर जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जाती है तो इस पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा नरेश वर्मा ने जमुआ अंचल से जुड़े एक अंचलाधिकारी (सीओ) के कार्यों की जांच से संबंधित मामलों पर भी जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे। प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने दोहराया कि पिछड़ा वर्ग के अधिकारों की रक्षा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए आयोग पूरी तरह प्रतिबद्ध है।


