लुधियाना| गगन नगर के 33 फुटा रोड स्थित ग्यासपुर में श्रीमद्भागवत कथा समिति द्वारा आयोजित भक्तिमय समागम के चौथे दिन श्रद्धालु भक्ति के रस में सराबोर नजर आए। कथा व्यास पं. अवधेश पाण्डेय ने जीवन में संगति के गंभीर प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कुसंगति का जहर किसी भी चरित्रवान व्यक्ति को क्षण भर में पतन की ओर धकेल सकता है। जबकि सत्संग का सकारात्मक प्रभाव दिखने में समय लगता है। अजामिल उपाख्यान का मर्मस्पर्शी वर्णन करते हुए उन्होंने समझाया कि कैसे एक वेदपाठी और ब्रह्मनिष्ठ ब्राह्मण मात्र एक क्षण की कुसंगति और मर्यादाहीन दृश्य देखने के कारण अपने मार्ग से भटक गया और वेश्या के मोह में फंसकर अपने धर्म व संस्कारों को त्याग दिया। हालांकि जीवन के अंतिम पड़ाव पर संतों की कृपा से अपने पुत्र नारायण का नाम पुकारने मात्र से उसे यमदूतों के भय से मुक्ति मिली और भगवान के पार्षदों ने उसकी रक्षा की।। कथा के विश्राम पर भगवान की भव्य आरती की गई और मुख्यातिथि पार्षद पति राजेश मिश्रा सहित रामबाबू, रुक्मिणी देवी और आशुतोष द्विवेदी व अन्य सहयोगियों की उपस्थिति में प्रसाद वितरित किया गया।


