पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू होने से रायपुर में क्राइम में कंट्रोल होगा। दावा किया जा रहा है कि अपराध में गिरावट आएगी। क्योंकि पुलिस कमिश्नरी का दायरा 21 थानों का है। यानी दायरा सिमट गया है। इससे पुलिस की मॉनिटरिंग व एक्शन बढ़ जाएगा। फरियादियों की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई होगी। अगर थाने में उनकी सुनवाई होंगी तो तुरंत एसीपी के पास जा सकते है। उनके ऊपर एडिशनल डीसीपी और डीएसपी होंगे। सुपरविजन अधिकारी ज्यादा होेंगे। इसलिए थाने स्तर पर तुरंत कार्रवाई होगी। रात्रि गश्त में भी सुधार आएगा। हर जोन में अधिकारी रोजाना गश्त में रहेंगे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जहां भी पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू हुआ है। वहां पर अपराध में कमी आई है। क्योंकि कई अधिकार कमिश्नर के पास आ गए है। उन्हें कलेक्टर से अनुमति नहीं लेनी होगी। कमिश्नरी में अधिकारियों की संख्या ज्यादा है। इससे थानों की मॉनिटरिंग बढ़ जाएगी। सवाल- क्या-क्या बदलेगा पुलिस कमिश्नरी से? जवाब- निगरानी बढ़ेगी, अपराध घटेंगे, 15 दिन में जिलाबदर की कार्रवाई संभव पुलिस कमिश्नरी के फायदे कलेक्टर के आदेश का इंतजार नहीं करना पड़ेगा एसपी सिस्टम खत्म, इसलिए कमिश्नर की ताजपोशी पर बुलाए गए रायपुर के पुराने एसपी रायपुर में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू होने के पहले दिन यहां पदस्थ रहे एसएसपी का मिलन रखा गया। इसमें रायपुर में पदस्थ रहे एसपी को बुलाया गया था। खुफिया चीफ अमित कुमार, आईजी ओपी पाल, आरिफ शेख के अलावा पूर्व डीजीपी डीएम अवस्थी, एसके पासवान, वायपी ठाकुर समेत कई अधिकारी पहुंचे थे। संजीव शुक्ला ने पहले पुलिस कमिश्नर का चार्ज लिया रायपुर के पहले पुलिस कमिश्नर के तौर पर आईजी डॉ. संजीव शुक्ला ने शुक्रवार सुबह 11 बजे जिम्मेदारी संभाल ली है। उनके साथ आईपीएस श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने भी रायपुर ग्रामीण एसपी का चार्ज लिया है। दोनों ही अधिकारियों को एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने चार्ज दिया है। इसके साथ ही रायपुर में पुलिस कमिश्नरी और ग्रामीण पुलिसिंग सिस्टम की शुरुआत हो गई। चार्ज लेने के साथ ही थानों का बंटवारा हो गया है। हालांकि फोर्स का अब तक बंटवारा नहीं हुआ है। पुलिस कमिश्नर ऑफिस जीई रोड संभागीय आयुक्त कार्यालय होगा, जबकि रायपुर ग्रामीण एसपी नवा रायपुर अटल नगर में बैठेंगे। रायपुर जोन के आईजी अमरेश मिश्रा होंगे। डॉ. शुक्ला ने पत्रकारों को बताया कि नशे के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा। ड्रग्स, गांजा और नशीली दवाइयों की तस्करी रोकी जाएगी। आसपास के शहरों और राज्यों से भी नशा रायपुर में आने नहीं दिया जाएगा। रायपुर में ट्रैफिक का दबाव काफी अधिक है। इसे लेकर नए सिरे से योजना बनाई जाएगी, ताकि लोगों को सड़कों पर राहत मिल सके। साइबर फ्रॉड से रोकने जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।


