डोडियार बोले-जेल में आंदोलन करने वाला था, इसलिए छोड़ दिया:मुझे जिस डॉक्टर ने गालियां दी, वो विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर का रिश्तेदार

रतलाम जिले की सैलाना सीट से भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के विधायक कमलेश्वर डोडियार का कहना है कि वे जेल में आंदोलन करने वाले थे, इसीलिए उन्हें रिहा कर दिया गया। बता दें, एक डॉक्टर से विवाद पर सैलाना विधायक तीन दिन जेल में रहे। शनिवार को जमानत पर छूटने के बाद वे रविवार को भोपाल पहुंचे। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘मुझे गालियां देकर बदसलूकी करने वाला डॉक्टर मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर का रिश्तेदार है। ऐसे में न्याय कैसे मिलेगा? इस मामले को लेकर स्थगन प्रस्ताव विधानसभा अध्यक्ष को दिया है।’ डोडियार ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र को लेकर अपनी रणनीति और दूसरे मुद्दों पर भास्कर से चर्चा की, पढ़िए… भास्कर: आप तीन दिन जेल में रहे, रिहाई में क्या चुनौतियां आईं?
डोडियार: मैं विधानसभा का सदस्य हूं और मुझे मां-बहन की गालियां दी जाती हैं। इसे लेकर चार राज्यों के लोग रतलाम आए थे। शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने से पहले ही मुझे गिरफ्तार कर लिया गया। बीएनएस की धारा 170 के तहत मुझे जेल में डाल दिया गया। हमारे और भी साथी थे। लोक शांति के लिए हमें दो-तीन घंटे तक कस्टडी में रखा जा सकता था, लेकिन हमें जेल में बंद रखा गया। विधानसभा का सत्र शुरू होने वाला है और मुझे छोड़ा नहीं जा रहा था। जब लोग आंदोलन पर उतारू हुए, तब जाकर मुझे छोड़ा गया। भास्कर: जेल में कैसा आंदोलन करने वाले थे?
डोडियार: जैसा पहले बिरसा मुंडा और भगत सिंह समेत कई महापुरुषों ने किया है, वैसे ही हम आंदोलन करने वाले थे। आंदोलन कई प्रकार के होते हैं। जैसे हम सड़क पर करते हैं, वैसे ही हम जेल के अंदर भी कर सकते हैं। हमारा आदिवासी समाज बहुत जागरूक है। अन्य लोगों ने भी बहुत समर्थन दिया है। इसलिए मजबूर होकर सरकार ने हमें छोड़ा। भास्कर: डॉक्टर, स्पीकर के रिश्तेदार हैं, विधानसभा से कार्रवाई की उम्मीद है?
डोडियार: हम लोग करवा लेंगे। जितने भी टेढ़े-मेढ़े और बदमाश लोग हैं, चाहे वे सत्तापक्ष में हों या किसी के संरक्षण में, ऐसे लोग सीधे हो जाएंगे। डराना-धमकाना और लोगों के हक-अधिकार छीनने वाले जितने भी लोग हैं, उन सभी को हम सीधा कर देंगे। भास्कर: देवरी विधायक ने डॉक्टर के खिलाफ धरना दिया, कार्रवाई हुई, आपके केस में नहीं?
डोडियार: पूरे देश ने देखा है किस तरह भेदभाव किया गया है। यहां तक कि मैं तो फरियादी था, लेकिन डॉक्टर ने मेरे खिलाफ उल्टा केस कर दिया। वे सत्ता पक्ष के विधायक (देवरी से बीजेपी विधायक बृजबिहारी पटैरिया) थे और मैं विपक्ष में हूं। तीसरे दल के रूप में हूं। यह दिखाई दे रहा है कि किस प्रकार का व्यवहार किया गया है। भास्कर: रतलाम में कलेक्टर के जाति प्रमाणपत्र को भी आप मुद्दा बना रहे हैं?
डोडियार: मैं मध्यप्रदेश विधानसभा का सदस्य हूं। यहां के जितने भी लोगों ने आदिवासी सर्टिफिकेट बनवाकर नौकरी ली है या प्रमोशन पाए हैं, उन सभी का खुलासा करके उन्हें वापस घर बैठाएंगे। चाहे वह कलेक्टर बन गया हो, इंस्पेक्टर बन गया हो या किसी भी प्रशासनिक पद पर हो। भास्कर: जिन्होंने आदिवासी सर्टिफिकेट पर पढ़ाई की, नौकरी में आए, बाद में धर्म बदल लिया, क्या कहेंगे?
डोडियार: आदिवासी मतलब- आदिम जमाने के रहने वाले लोग हैं। पहले भी 1871 से लेकर जब देश आजाद हुआ, तब तक शायद 1971 तक आदिवासियों का अपना अलग धर्म था। धर्म कोड भी हुआ करता था। आदिवासी किसी भी धर्म में नहीं आते थे। आदिवासियों को अलग रहना चाहिए। मैं लोगों से गुजारिश करूंगा कि आप अपना धर्म न बदलें। आप आदिवासी हैं, आदिवासी ही रहें। अगर आप धर्म बदलेंगे, तो आपका जो कल्चर है, पहचान है, वो मिट जाएगी। जैसे मैं भील हूं, तो हमारी एक अपनी पहचान है, भाषा है, बोली है, रहन-सहन है, खान-पान है। भौगोलिक रूप से भी हम बाकी लोगों से अलग हैं। इसी आधार पर हम लोग आदिवासी कहलाते हैं। यह स्थिति और आरक्षण लेने के लिए धर्म हमें नहीं बदलना चाहिए। भास्कर: आप पर पिछले दिनों प्रेशर बनाकर पैसे लेने के आरोप लगे?
डोडियार: प्रेशर बनाकर पैसे लेने वाले लोगों को हम ठीक करना चाहते हैं। प्रेशर जनता बनाती है, मैं नहीं बनाता। विधायक होने के नाते मैं पेपर पर प्रेशर बनाता हूं। अगर प्रेशर के कारण कोई बीमार हो जाए, पागल हो जाए या नौकरी छोड़ दे, तो इसमें मेरा कोई कसूर नहीं। डोडियार ने ये भी कहा… हमारे लोग कह रहे हैं कि डॉक्टर ने मुझे गालियां दी हैं, इससे पूरा समाज अपमानित हुआ है। मेरे हिसाब से विधानसभा के सभी विधायक, मुख्यमंत्री, मंत्री और विपक्ष बाद में हैं, हम पहले विधायक हैं। यह गालियां हम सभी को लगी हैं। सभी को सोचना चाहिए कि यदि अन्य विधायकों और सांसदों के साथ ऐसा हो, तो सभी को एकजुट होना चाहिए और तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। अगर हमारी पार्टी का कभी मुख्यमंत्री बनता है, तो हम कलेक्टर का नाम बदल देंगे। उसके अधिकार और कर्तव्यों में भी कुछ बदलाव करेंगे। कुछ राज्यों में कलेक्टर को उपायुक्त कहा जाता है। पहले राजस्व कलेक्ट करने वाले को कलेक्टर कहा जाता था। आज उसे डिस्ट्रिक्ट मैजिस्ट्रेट बना दिया गया है। हम जैसे लोगों को मौका मिलेगा, तो हम यह नाम बदलेंगे। ये खबरें भी पढ़िए रतलाम जिला अस्पताल में विधायक और डॉक्टर में गाली-गलौज रतलाम में पिछले गुरुवार की रात जिला अस्पताल में ड्यूटी डॉक्टर और सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार के बीच जमकर कहा-सुनी हुई थी। दोनों ने एक-दूसरे पर गाली देने के आरोप लगाए। पूरे घटनाक्रम का 2 मिनट 53 सेकंड का वीडियो भी सामने आया था। पूरी खबर पढ़िए डोडियार को मिली जमानत, तीन दिन बाद जेल से बाहर आए, पुलिस ने सैलाना पहुंचाया
सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार समेत उनके समर्थकों को चौथे दिन शनिवार को रतलाम एसडीएम कोर्ट से जमानत मिली। तीन दिन बाद वे जेल से बाहर आए। विधायक की रिहाई नहीं होने से नाराज समर्थकों ने प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। शनिवार को दोपहर बाद वे कलेक्ट्रेट परिसर में मौन धरना देने वाले थे। पूरी खबर पढ़िए

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