जामताड़ा के कर्माटांड़ थाना क्षेत्र में पिंडारी फाटक के पास निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के डायवर्सन मार्ग पर शुक्रवार रात करीब 8 बजे एक मोटरसाइकिल चालक दुर्घटना का शिकार हो गया। इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। मृतक की पहचान कर्माटांड़ के बाबूडीह गांव निवासी 24 वर्षीय गुड्डू रवानी, पिता गन्नू रवानी के रूप में हुई है। गुड्डू रवानी पंडाल निर्माण का कार्य करते थे। उनके परिवार में दो छोटे बच्चे हैं, जिनमें एक 2 महीने का बेटा और एक 3 साल की बेटी शामिल है। इस घटना से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक के परिवार को 10 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने शनिवार सुबह करीब 10 बजे मृतक के शव को सड़क पर रखकर मुख्य मार्ग जाम कर दिया। सूचना मिलने पर कर्माटांड़ थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि, ग्रामीण मृतक के परिवार को 10 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग पर अड़े रहे। इस मामले पर जिला परिषद सदस्य सुरेंद्र मंडल ने बताया कि संबंधित सड़क ठेकेदार से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन वह फोन नहीं उठा रहा है। मंडल ने मांग की कि मृतक के दो छोटे बच्चों को देखते हुए परिवार को 10 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज का कार्य बीते एक वर्ष से चल रहा है, लेकिन ठेकेदार द्वारा न तो निर्माण कार्य का बोर्ड लगाया गया है और न ही कोई रेडियम लगाया गया है। इससे रात के अंधेरे में आने-जाने वाले लोगों को डायवर्सन मार्ग की जानकारी नहीं मिल पाती है, जिसके कारण आए दिन ऐसी दुर्घटनाएं होती रहती हैं। मुख्य मार्ग पर गड्ढा कर बैरेकेडिंग तक नहीं लगाया धरना पर बैठे राजेंद्र मंडल ने कहा कि 6 वर्ष पूर्व ही इस ओवर ब्रिज निर्माण कार्य का शिलान्यास से किया गया था और आज तक पूर्ण नहीं हो पाया है। इस मुख्य मार्ग पर गड्ढा कर दिया है, जिसको ठेकेदार ने ना बैरेकेडिंग की है और ना ही किसी प्रकार का बोर्ड लगाया है, जिससे आए दिन दुर्घटना होती है। बीती रात दुर्घटना में गुड्डू रवानी की जान चली गई जब तक उचित मुआवजा नहीं मिलेगा जाम नहीं हटेगा। वहीं, बासु मंडल ने कहां कि जिला प्रशासन इस काम पर ध्यान दें जो रुका हुआ है वह चालू हो, क्या दुर्घटना का जिम्मेवार सिर्फ आम पब्लिक है जब ठेकेदार टेंडर लिया है तो नियम के अनुरूप कार्य करें। इतने वर्षों से कार्य चल रहा है। डायवर्सन का ना तो बोर्ड है और ना ही कोई रेडियम लगा है, इस घटना के बाद अभी तक जिला प्रशासन भी नहीं आई है।


