रायगढ़ में बीमार हाथी ने तोड़ा दम:पेट में घाव और पैरों पर कई जगह चोट; इलाज के लिए कुमकी हाथी भी लाए गए थे

रायगढ़ जिले के छाल रेंज में शुक्रवार को एक बीमार हाथी की मौत हो गई। घटना के बाद आगे की प्रक्रिया की जा रही है। जानकारी के मुताबिक छाल वन परिक्षेत्र के बेहरामार परिसर के कक्ष क्रमांक 572 आरएफ में बीमार हाथी विचरण कर रहा था। शुक्रवार सुबह वनकर्मी 2 कुमकी हाथी के माध्यम से उसे इलाज के लिए बनाए गए बाड़े की ओर ले जाने के लिए पहुंचे। तब वह कुछ दूर चला और फिर एकाएक बैठ गया। जिसके बाद हाथी नहीं उठा। हाथी की मौत हो चुकी थी। इसके बाद मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई। जहां विभाग द्वारा आगे की प्रक्रिया की जा रही है। 2 जनवरी को छाल रेंज में आया बताया जा रहा है कि 2 जनवरी को यह हाथी कोरबा वन मंडल से छाल रेंज में पहुंचा था। उसके बाद से लगातार उसका इलाज किया जा रहा था। गुड़ और केले के जरिए वनकर्मी उसे दवा दे रहे थे, लेकिन उसकी स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा था। अंबिकापुर से कुमकी हाथी बुलाए गए हाथी के स्वास्थ्य में सुधार नहीं हो रहा था। उसकी स्थिति लगातार गंभीर होते जा रही थी। ऐसे में अंबिकापुर के रमकोला से दो कुमकी हाथी बुलाए गए थे। ताकि बाड़ा बनाकर उसका बेहतर इलाज किया जा सके। शरीर में कई जगह चोट इस संबंध में छाल वन परिक्षेत्र के रेंजर चंद्रविजय सिंह सिदार ने बताया कि हाथी के शरीर में कई जगह चोट के निशान थे। हो सकता है कि अन्य नर हाथी से साथ हुई मुठभेड़ में उसे चोट लगी थी। मकना हाथी होने के कारण उसके दांत नहीं थे और उसी वजह से वह गंभीर रूप से घायल होकर बीमार हो गया। लगातार उसकी निगरानी की जा रही थी। साथ ही इलाज भी चल रहा था, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।

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