छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव के लिए 11 फरवरी को वोटिंग होनी है। लेकिन इससे पहले ही कई जगह कांग्रेस के उम्मीदवारों ने नाम वापस ले लिए हैं। ऐसी जगहों पर भाजपा को एक तरफा जीत मिल रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे भाजपा के लिए अच्छा संकेत बताया। रायपुर में दिए बयान में उन्होंने कहा कि 20 नगर पंचायतों में भाजपा के पार्षद निर्विरोध चुने जा रहे हैं। इसमें निगम में 2 और बसना में तो नगर पंचायत अध्यक्ष को चुना गया है। धमतरी मे कांग्रेसी महापौर प्रत्याशी का नामांकन खारिज हो गया। कांग्रेस ने वहां किसी को नहीं उतारा। इन हालातों पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया है कि सरकारी सिस्टम का उपयोग करके ऐसा करवाया जा रहा है, हमारे कैंडिडेट के नामांकन निरस्त हो रहे हैं। इस आरोप पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा- अरे भई नामांकन से जुड़े नियम कानून तो पढ़ लो, नाच न जाने आंगन टेढ़ा, नाचने आता नहीं है और दोष आंगन को दे रहे हो। अरे भई फॉर्म तो ठीक से भर लो। 2 दिन में बीजेपी को 7 जगह रिजल्ट से पहले ही जश्न का मौका मिल गया, समझिए कैसे- कार्यकर्ता सम्मेलन में नेताओं ने बढ़ाया जोश शुक्रवार शाम 31 जनवरी को रायपुर के इंडोर स्टेडियम में कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन भाजपा ने किया। कार्यकर्ताओं से कहा गया कि घर-घर जाकर हर एक मतदाता से संपर्क करना है और सरकार की उपलब्धियों को उन्हें बताकर भाजपा के पक्ष में मतदान करने के लिए आग्रह करना है। अब रायपुर में ट्रिपल इंजन की सरकार बनाना है ताकि विकास के कार्य भी तेज गति से हों। भाजपा के कार्यकताओं का जोश हाई- किरण सिंहदेव भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कहा कि भाजपा ने ठाना है, पंचायत से लेकर पार्लियामेंट तक भाजपा का परचम फहराना है। जनता ने ठान लिया है कि वह नगरीय निकाय चुनाव में और त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में भाजपा के पक्ष में ही मतदान करेगी। रायपुर को संवारने के लिए 71 कमल चाहिए : साव
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सम्मेलन में कहा- इस बार रायपुर से 71 कमल जिताना है। रायपुर को राजधानी हमने बनाया है, लेकिन 5 सालों में रायपुर को दोनों हाथ से लूटने का काम भूपेश बघेल की सरकार ने किया है। अटल जी के सपने को साकार करने के लिए जिस रायपुर को हमने राजधानी बनाया, उसको संवारने के लिए 71 कमल चाहिए। मीनल चौबे ने कांग्रेसियों को बताया देश का गद्दार मीनल चौबे ने कार्यकर्ताओं से कहा- यह चुनाव मीनल चौबे नहीं, भाजपा की हर महिला कार्यकर्ता लड़ेगी और जीतकर हर महिला महापौर होगी। उन्होंने मंच से ये भी कहा- जागो यारों, काल जगा रहा इशारों से, संभल के रहना अपने घर में छुपे इन कांग्रेसी गद्दारों से। कांग्रेस में एक भी योग्य महिला नहीं मिली जिसे प्रत्याशी बनाया जा सके। 15 सालों से रायपुर नगर निगम में कांग्रेस का शासन रहा और इस दौरान केवल घोटालों और भ्रष्टाचार का बोलबाला रहा। ……………………………… नगरीय निकाय चुनाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… 1. नगरीय निकाय चुनाव…8 जगह बिना वोटिंग बीजेपी की जीत: बसना नगर पंचायत के अध्यक्ष पर कब्जा; नाम वापसी के आखिरी दिन कांग्रेस को झटके छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव में नाम वापसी का आज आखिरी दिन रहा। 11 फरवरी को वोटिंग और 15 फरवरी को इसके नतीजे आ जाएंगे। लेकिन इससे पहले ही नगर पंचायत बसना में बीजेपी अध्यक्ष पर काबिज हो गई। इसके अलावा अलग-अलग जगह 7 पार्षद पदों पर भी बीजेपी प्रत्याशियों की जीत हो चुकी है। पढ़ें पूरी खबर 2. कांग्रेस ने तिलक सोनकर को नहीं दिया बी-फॉर्म: धमतरी सीट पर ‘वेट एंड वॉच’ कर रही कांग्रेस; बीजेपी को सीधा फायदा छत्तीसगढ़ निकाय चुनाव में धमतरी की सीट इस बार हाई प्रोफाइल हो गई है। कांग्रेस के महापौर प्रत्याशी विजय गोलछा का नामांकन रद्द होने के बाद यह कयास लगाए जा रहे थे कि कांग्रेस कोई नया उम्मीदवार उतारेगी। शुक्रवार को नाम वापसी की आखिरी डेट तक कांग्रेस ने विजय गोलछा की जगह किसी दूसरे प्रत्याशी का बी-फॉर्म जमा नहीं किया। पढ़ें पूरी खबर


