अलवर के सरिस्का बाघ अभ्यारण की टहला रेंज स्थित काली घाटी के जंगलों में शनिवार को जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों को एक रोमांचक नजारा देखने को मिला। करीब 100 पर्यटकों ने एक पैंथर को पेड़ पर चैन की नींद सोते हुए देखा, जिससे सभी रोमांचित हो उठे। सफारी के दौरान मौजूद गाइड ने पर्यटकों को बताया कि इसी पैंथर ने एक दिन पहले शुक्रवार को काली घाटी के जंगल में चीतल हिरण के बच्चे का शिकार किया था। शिकार के बाद पेट भर जाने के कारण पैंथर पेड़ पर आराम फरमा रहा है। पैंथर को देखने के बाद पर्यटकों की करीब 12 जिप्सियां लगभग 15 मिनट तक वहीं रुकी रहीं। सभी पर्यटक इस उम्मीद में पैंथर को निहारते रहे कि वह पेड़ से नीचे उतरेगा। हालांकि पैंथर ने केवल एक बार आंख खोली, फिर दोनों ओर पैर लटकाकर करवट ली और दोबारा सो गया। यह दृश्य शनिवार की सुबह सरिस्का जंगल सफारी की पहली पारी में देखने को मिला। दिल्ली और गुरुग्राम से आए पर्यटक इस अनोखे नजारे को देखकर काफी खुश नजर आए और इसे सफारी का यादगार पल बताया लोगों ने अपने-अपने फोन में वीडियों भी रिकॉर्ड कर लिया। गाइड ने बताया कि शुक्रवार को शिकार के दौरान मां चीतल वहीं खड़ी होकर चीखती रह गई थी, जबकि पैंथर शिकार को मुंह में दबाकर झाड़ियों की ओर ले गया था। अगले दिन उसी क्षेत्र में पैंथर को पेड़ पर आराम करते देख पर्यटकों को पूरी घटना की जानकारी दी गई।


