दुर्ग के उप वनमंडल कार्यालय में एक युवक ने उप वनमंडलाधिकारी (एसडीओ) धनेश साहू के साथ गाली-गलौज की, धमकी दी और शासकीय दस्तावेज फेंक दिए। इस घटना के बाद एसडीओ साहू ने पद्मनाभपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराकर एफआईआर की मांग की है। एसडीओ धनेश साहू ने अपनी शिकायत में बताया कि यह घटना 20 जनवरी 2026 को दोपहर करीब 3:30 बजे हुई। वे अपने कार्यालय परिसर में खड़े थे, तभी गाड़ाडीह निवासी अजय तिवारी कार्यालय पहुंचा। तिवारी ने बिना किसी कारण के आक्रोशित होकर गाली-गलौज शुरू कर दी। गाड़ी छुड़वाने के नाम पर अफसर से किया विवाद जब अधिकारी ने उससे कार्यालय आने का कारण पूछा, तो अजय तिवारी ने अपनी गाड़ी छुड़वाने की बात कही। इस पर एसडीओ साहू ने स्पष्ट किया कि वन विभाग में उसके नाम से कोई भी गाड़ी जब्ती का मामला दर्ज नहीं है। शिकायत के अनुसार, इसके बावजूद अजय तिवारी कार्यालय के भीतर घुस गया और चिल्लाते हुए गाली-गलौज करता रहा। आरोप है कि उसने स्टाफ के सामने शासकीय दस्तावेज उठाकर फेंक दिए। घटना के समय अधिकारी 21 जनवरी को बीलाम एवं खैरागढ़ वन मंडल में आयोजित अग्नि सुरक्षा कार्यशाला की तैयारी में व्यस्त थे, जिससे शासकीय कार्य बाधित हुआ और कार्यालय का माहौल तनावपूर्ण हो गया। आरोपी के खिलाफ अवैध आरा मशीन मामले में केस दर्ज धनेश साहू ने बताया कि अजय तिवारी के खिलाफ पूर्व में अवैध आरा मशीन संचालन का प्रकरण दर्ज किया गया था, जिसमें विभागीय नियमों के तहत कार्रवाई की गई थी। उसी कार्रवाई के बाद से आरोपी लगातार वन अपराध के नाम पर दबाव बना रहा है और अपनी गाड़ी छुड़वाने की कोशिश कर रहा है। एसडीओ साहू ने यह भी आरोप लगाया कि अजय तिवारी आए दिन उन्हें धमकी देता है, जिसमें वह कहता है, “बाहर निकलो, फिर देख लेंगे।” जान का खतरा, पुलिस सुरक्षा की मांग उप वनमंडलाधिकारी ने शिकायत में यह भी उल्लेख किया है कि वे नियमित रूप से रात्रि गश्त में शामिल रहते हैं, जिससे उन्हें जान का खतरा महसूस हो रहा है। आरोपी ने यह तक कहा कि “जज के यहां सबकी पेशी करवाऊंगा” और वन अधिकारियों को वाहन जब्ती का अधिकार नहीं है। जबकि विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के नाम से कोई भी वन अपराध प्रकरण लंबित नहीं है। कलेक्टर और एसपी को भेजी गई प्रतिलिपि मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायत की प्रतिलिपि कलेक्टर दुर्ग, वनमंडलाधिकारी दुर्ग और पुलिस अधीक्षक दुर्ग को भी भेजी गई है। उप वनमंडलाधिकारी ने आरोपी के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, धमकी और अश्लील गाली-गलौज के तहत कड़ी कार्रवाई की मांग की है।


