धौलपुर में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत राजकीय कॉलेज सैंपऊ में एक सेमिनार का आयोजन किया गया। इस दौरान राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के स्वयंसेवकों से सड़क सुरक्षा जागरूकता को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया गया। राजस्थान सरकार द्वारा मनाए जा रहे राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत जिला परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग ने यातायात पुलिस के सहयोग से इस कार्यक्रम का आयोजन किया। जिला परिवहन अधिकारी गौरव यादव ने बताया कि सेमिनार के अतिरिक्त राजाखेड़ा के बरेह मोहरी उच्च माध्यमिक स्कूल में सड़क सुरक्षा जागरूकता स्लोगन प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इस अवसर पर महाविद्यालय के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए परिवहन निरीक्षक ओम प्रकाश वर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक के विद्यार्थी सड़क जागरूकता को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि यदि सड़क पर कोई घायल व्यक्ति मिले, तो बिना किसी झिझक के उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचाकर मानव धर्म का पालन करें। पुलिस द्वारा ऐसे मामलों में कोई पूछताछ नहीं की जाएगी। वर्मा ने यह भी बताया कि ‘गोल्डन आवर्स’ में घायलों को अस्पताल पहुंचाने वाले ‘गुड सेमिरेटन’ को अब सरकार द्वारा प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। उन्होंने विद्यार्थियों से इस मानवीय कार्य में सहभागी बनने का आग्रह किया। न्याय दर्शन संस्था के सचिव रंजीत दिवाकर एडवोकेट ने मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) के प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बिना लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन, बीमा और पीयूसी (प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र) के वाहन न चलाने की सलाह दी। समारोह में पुलिस थाना सैंपऊ प्रभारी प्रवेन्द्र रावत ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) युवाओं में सुयोग्य नागरिक बनने के गुणों का विकास करती है। NSS के माध्यम से समाज में सम्मान के साथ जीने और स्वावलंबन की भावना विकसित होती है। NSS प्रभारी सुरेंद्र कुंवर ने सात दिवसीय विशेष शिविर की रूपरेखा प्रस्तुत की और शिविर का प्रतिवेदन दिया। कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. राजेश कुमार शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया और शिविर में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्वयंसेवकों को मेहमानों द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। स्लोगन प्रतियोगिता में परिवहन विभाग की ओर से वीक्षक के रूप में पूजा नरसल, शांति और गौरव मुख्य रूप से मौजूद थे।


