उज्जैन के तराना में दो दिन तनाव के हालात रहे। एक दर्जन से अधिक बसों, करीब 9 कारों और कई दुकानों को नुकसान पहुंचाया गया। एक बस में आग भी लगा दी गई। कई घरों पर पत्थर, हथियार और लाठी-डंडों से हमला हुआ। पुलिस ने अब तक 19 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 6 को हिरासत में लिया है। हालात पर नियंत्रण के बाद शनिवार सुबह बाजार खुल गए हैं। प्रशासन के अनुसार फिलहाल क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है और पुलिस बल तैनात है। कलेक्टर रोशन सिंह ने बताया कि 12 घंटे से कोई भी हिंसक घटना सामने नहीं आई है। क्षेत्र में शांति बनी हुई है। इधर, तराना में भड़की इस हिंसा के पीछे की कहानी में सिर्फ दो किरदार हैं। जिसे मुस्लिम और हिंदू दोनों पक्ष जानते हैं। 25 हजार की आबादी वाले तराना में 350 से ज्यादा पुलिस बल तैनात होने के बाद भी आगजनी और पथराव हो गया। दो समुदाय के युवकों से उपजा विवाद
बताया जा रहा है कि पूरे विवाद की जड़ बजरंग दल के प्रचारक साहिल ठाकुर और काजी चौक निवासी सलमान बेग के बीच विवाद था। साहिल ठाकुर लगातार लव जिहाद रोकने और गाय संरक्षण को लेकर काम कर रहा था। इसी बात को लेकर सलमान बेग ने उससे दुश्मनी पाल ली थी। ये दोनों कई बार आमने-सामने हुए। हालांकि, उनमें कोई विवाद नहीं हुआ। लेकिन, 23 जनवरी की शाम को साहिल ठाकुर और रजत ठाकुर को गाय के मुंह में डिब्बा फंसने की सूचना मिली। दोनों गाय के मुंह से डिब्बा निकालने पहुंच गए। इसी दौरान वहां से गुजर रहे सलमान ने गाड़ी रोकी। साहिल को अपशब्द कहे और वहां से चला गया। सलमान ने साथियों के साथ कर दिया हमला
23 जनवरी को ही शाम करीब 7 बजे श्रीराम मंदिर के पास साहिल अपने भाई रजत के साथ बैठा था। तभी सलमान अपने साथियों के साथ वहां पहुंचा। उसके साथ ईशान मिर्जा, सप्पान मिर्जा, शादाब उर्फ इडली, रिजवान मिर्जा और नावेद थे। सभी ने साहिल पर हमला कर दिया। साहिल के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी मिलते ही हिंदूवादी संगठनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर तराना थाने का घेराव कर दिया। इस दौरान आक्रोशित लोगों ने बस स्टैंड पर खड़ी करीब एक दर्जन बसों और लगभग 10 कारों के शीशे तोड़ दिए। आधा दर्जन दुकानों और एक क्लिनिक में भी पथराव कर तोड़फोड़ की गई, जिससे तराना में तनाव फैल गया। शुक्रवार रात को भी हिंदूवादी संगठनों ने थाने का घेराव किया। पुलिस ने जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन देकर भीड़ को समझाकर लौटा दिया। पूर्व पार्षद की दुकान में लगा दी आग
शुक्रवार सुबह से पूरे तराना में हालात तनावपूर्ण रहे। सभी दुकानें बंद रहीं और लोग घरों में दुबके रहे। दोपहर 2 बजे तक स्थिति शांत बनी रही। इसी बीच सबसे पहले पूर्व पार्षद आजाद खान की स्क्रैप दुकान में आग लगा दी गई। कुछ देर बाद जुमे की नमाज के बाद महेश नगर में खड़ी एक बस में आग लगा दी गई, जिससे तनाव और बढ़ गया। बस की आग बुझने से पहले तकिया गली में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने हथियारों और पत्थरों से करीब एक दर्जन से अधिक घरों और एक मंदिर को निशाना बनाया। पथराव हुआ, पुलिस ने निकाला फ्लैग मार्च
दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। देर रात तक महेश मार्केट, मदारवाड़ा और नयापुरा जैसे इलाकों से पथराव की सूचनाएं मिलती रहीं। रात में लकड़ी की टाल में भी आग लगा दी गई। कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, डीआईजी नवनीत भसीन और एसपी प्रदीप शर्मा ने भारी पुलिस बल के साथ तनावग्रस्त इलाकों में फ्लैग मार्च किया। एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि क्षेत्र में लगातार गश्त की जा रही है और स्थिति नियंत्रण में है। बस जलाने की घटना में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच की जा रही है। उपद्रव फैलाने के आरोप में 15 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। पुलिस और प्रशासनिक अफसर कर रहे निगरानी
तराना में शनिवार को भी पुलिस और प्रशासनिक अमला तैनात है। इधर 25 और 26 जनवरी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का उज्जैन प्रवास प्रस्तावित है, जिससे प्रशासन की चिंता और बढ़ गई है। तराना में बिगड़े माहौल के बीच मुख्यमंत्री की सुरक्षा और प्रोटोकॉल को लेकर अधिकारी पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। कलेक्टर रोशन सिंह, डीआईजी नवनीत भसीन और एसपी प्रदीप शर्मा लगातार तराना क्षेत्र में रहकर सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती है। एक ओर तराना में कानून-व्यवस्था को पूरी तरह बहाल करना और दूसरी ओर उज्जैन में मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रमों को सुरक्षित रूप से संपन्न कराना। राहगीरी में शामिल होंगे, परेड की सलामी लेंगे सीएम
मुख्यमंत्री 25 जनवरी को सुबह राहगीरी कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद दिनभर विभिन्न विभागीय और स्थानीय कार्यक्रमों में भाग लेंगे। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर परेड की सलामी लेंगे। इसके बाद वे एक सरकारी स्कूल में बच्चों के साथ भोजन करेंगे। साथ ही दिनभर स्थानीय स्तर पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में भी उनकी सहभागिता रहेगी। यह खबर भी पढ़ें… उज्जैन के तराना में फिर पथराव, पुलिस ने खदेड़ा उज्जैन के तराना में शुक्रवार रात करीब 9 बजे फिर से पथराव हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची और हलका बल प्रयोग करते हुए उपद्रवियों को इमली बाड़ा से खदेड़ दिया। उज्जैन के तराना कस्बे में गुरुवार रात शुरू हुआ विवाद शुक्रवार दोपहर बाद हिंसा में बदल गया। पूरी खबर यहां पढ़ें…


