कांकेर जिले में महानदी के किनारे अवैध रेत का खनन जारी है। इस काम में मानव श्रम की जगह बड़ी-बड़ी मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार से भी वंचित होना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, राजधानी रायपुर को जगदलपुर से जोड़ने वाले NH-30 पर स्थिति गंभीर है। रेत से भरे हाइवा वाहन पानी टपकाते हुए सड़क पर चलते हैं, जिससे सड़क पर रेत और धूल का जमावड़ा हो गया है। सड़क पर हादसों का खतरा चारामा नगर के वार्ड क्रमांक 13 से खेतों में बनाई गई अस्थाई सड़क के जरिए रेत का परिवहन किया जा रहा है। बड़ी बड़ी गाड़ियों के चलने से सड़क पूरी तरह खराब हो चुकी है। हालात यह हैं कि सड़क पर उड़ती धूल के कारण वाहन चालकों को सामने की गाड़ियां तक नहीं दिखाई देतीं। सड़क पर रेत जमा होने से फिसलन की वजह से हादसों का खतरा बना रहता है। धूल प्रदूषण से परेशान आम नागरिक सड़क किनारे व्यापार करने वाले दुकानदारों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। धूल प्रदूषण से आम लोगों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है। खनिज विभाग और पर्यावरण के नियमों की भी खुलेआम अवहेलना की जा रही है। चुनाव में सबक सिखाने की कही बात स्थानीय लोगों के मुताबिक, शिकायत के बाद प्रशासन कार्रवाई तो करती है लेकिन दूसरे दिन फिर खनन शुरू हो जाता है और सड़कों पर बड़ी बड़ी हाईवा गाड़ी चलने लगती है। लोगों ने आरोप लगाया है कि यह खनन का काम स्थानीय प्रशासन और नेताओं की जानकारी में चल रहा है। इससे सड़के खराब हो रही है। उन्होंने पंचायत एवं निकाय चुनाव में सबक सिखाने की बातें कही।


