नीमच के प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार शर्मा ने राजस्थान के न्यायाधीश को ब्लैकमेल कर उनसे एक करोड़ नकद व एक मकान की मांग करने वाली महिला सहित दो आरोपियों को सजा सुनाई है। कोर्ट ने डिकेन बस स्टैंड के पास रहने वाली आरोपी अरुणा उर्फ अवनी उर्फ अंजु बैरागी (36 वर्ष) और रतनगढ़ में रहने वाले दूसरे आरोपी दीपक तिवारी (32 वर्ष) को अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाई। दरसल में राजस्थान न्यायिक सेवा में कार्यरत न्यायाधीश ने 4 वर्ष पूर्व नीमच केंट थाने में आवेदन दिया था कि अवनी वैष्णव सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से संपर्क में आई। इस दौरान जब वे सवाई माधोपुर में पदस्थ थे, उस समय अवनी वैष्णव आई और स्वयं को नीमच का प्रतिष्ठित एडवोकेट बताते हुए सवाई माधोपुर में गणेश जी के मंदिर के दर्शन कराने के लिए निवेदन किया। इस दौरान अवनी वैष्णव ने स्टाफ से मेरा मोबाइल नंबर ले लिया और बातचीत करने लगी। रोज ज्यादा बातचीत करने का दबाव बनाने लगी। मना करने पर झूठे केस में फंसाकर नौकरी से निकलवाने की धमकी दी। ब्लैकमेल करते हुए एक करोड़ रुपए और मकान देने की मांग की। इसके बाद न्यायाधीश ने पुलिस थाने में शिकायत की, वहीं कोर्ट ने साक्ष्य के आधार पर दोनों आरोपियों के सजा सुनाई है।


