मनेंद्रगढ़ में 128 हजार मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई है। जो पिछले साल की तुलना में लगभग 4 हजार टन ज्यादा है। इस साल जिले में 137 हजार 195 मीट्रिक टन धान की खरीदी का लक्ष्य रखा गया था। कलेक्टर चंदन त्रिपाठी के नेतृत्व में 21 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से 14 नवंबर 2024 से 31 जनवरी 2025 तक धान खरीदी की प्रक्रिया चली। खरीफ वर्ष 2024-25 में 20 हजार 306 किसानों ने धान बेचा है। किसानों को बैंक लिंकिंग व्यवस्था के तहत 295.49 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया। साथ ही, किसानों को दिए गए 51.19 करोड़ रुपए के कृषि ऋण में से 48.80 करोड़ रुपए की वसूली भी की जा चुकी है। जिले में 14 राइस मिलों द्वारा अनुबंध किया गया, जिन्होंने अब तक 84,320 मीट्रिक टन धान का उठाव किया है। संग्रहण केंद्र में 11,726.57 मीट्रिक टन सहित कुल 96,046.57 मीट्रिक टन धान का उठाव हो चुका है, जो कुल खरीदी का 75 प्रतिशत है। जिला प्रशासन ने रखी सख्त निगरानी कलेक्टर ने धान खरीदी प्रक्रिया पर सख्त निगरानी रखी और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से नोडल अधिकारियों और समिति प्रबंधकों को लगातार दिशा-निर्देश दिए। अवैध धान भंडारण और परिवहन पर भी कड़ी कार्रवाई की गई, जिसमें 13 प्रकरण दर्ज किए गए।


