केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज वित्त वर्ष 2025-26 का बजट पेश किया। जिसमें प्रदेश इन्फ्रास्ट्रक्चर, सड़क और पेयजल प्रोजेक्ट को लेकर घोषणाएं की गई। वहीं भरतपुर के कुछ लोग बजट को लेकर खुश नजर आए तो, कुछ लोगों ने निराशा जताई। अधिकांश लोगों ने बड़ी-बड़ी कंपनियों को फायदा पहुंचाने वाला बजट बताया। प्रशांत उपाध्याय निवासी नदबई ने बताया कि किसान और माध्यम वर्ग को बजट में कुछ नहीं मिला। बजट में जो स्लैब्स हैं, उनके जरिए बड़ी-बड़ी कंपनियों को फायदा पहुंचाने का काम किया गया है। किसान और मध्यम वर्ग का नाम सिर्फ शब्द के लिए उपयोग किया जाता है। तमाम तरह की GST लगाकर आम जनता पर बोझ डाला गया है। महंगाई बढ़ रही है। महंगाई और डीजल पेट्रोल के दाम को कम करने के लिए सरकार ने कोई फैसला नहीं लिया है। यह बजट पिछले 10 साल का सबसे कमजोर बजट साबित होता है। यह देश का बजट नहीं सिर्फ बिहार का बजट लग रहा है। बजट के दौरान बार-बार बिहार प्रदेश का जिक्र किया गया है। इन्फ्रास्ट्रक्चर से आगे बढ़ेगी अर्थव्यवस्था
वहीं अमित उपमन ने बताया की वित्त मंत्री ने जो बजट पेश किया है, वह शानदार बजट है। क्योंकि इसमें इन्फ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान दिया गया है। जो पुरानी सरकारें थी, वह इन्फ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान नहीं देती थी। हमारा GDP काफी कम था और देश की अर्थव्यवस्था पिछड़ रही थी। सरकार ने हमारी अर्थव्यवस्था को विकसित ले जाने की दिशा में बहुत अच्छा काम किया है। कर्मचारी वर्ग को राहत देने का काम किया गया है। बजट में 12 लाख तक की आयकर सीमा को फ्री किया गया है। मुकट सिंह ने बताया कि आज जो केंद्र सरकार ने बजट पास किया है, उसमें किसानों के लिए बहुत बड़ी राहत दी गई है। बजट में KCC राशि को 3 लाख से 5 लाख किया गया है। इससे किसानों का बहुत बड़ा फायदा होगा। आने वाले भविष्य में किसान की इनकम दोगुनी या तीन गुना हो सकती है। बजट मध्यमवर्गीय परिवार के लिए सुविधाजनक
एडवोकेट भारत भूषण निवासी बयाना ने बताया- आज जो बजट पेश किया गया है। वह मध्यम वर्गीय परिवार के लिए काफी सुविधाजनक हैं। घरों में उपयोग होने वाला सामान अगर सस्ता मिलेगा तो, उसका काफी फायदा मिलेगा लेकिन, युवाओं के लिए रोजगार के बारे में ध्यान नहीं दिया गया। इससे युवाओं में काफी नाराजगी है। युवा वर्ग काफी अपेक्षा लेकर बैठा हुआ था।


