केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए अंतरिम बजट 2024 में मध्यम वर्ग को बड़ी राहत दी गई है। बजट में 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय को कर मुक्त करने का प्रावधान किया गया है, जिससे देश के करोड़ों आयकर दाताओं को लाभ मिलेगा। भाजपा के वरिष्ठ नेता और झालावाड़ के संगठन प्रभारी छगन माहुर ने बजट को सर्वसमावेशी और दूरदर्शी बताया। उन्होंने कहा कि बजट में गरीब, युवा, किसान और महिलाओं के हितों का विशेष ध्यान रखा गया है। देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए पिछले साल की तुलना में अधिक धनराशि का प्रावधान किया गया है। हवाई अड्डों की संख्या 74 से बढ़कर 150 हो गई है और मेडिकल कॉलेजों की संख्या दोगुनी हो गई है। बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र को बड़ी राहत देते हुए जीवन रक्षक दवाओं पर ड्यूटी टैक्स को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है। इससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाएं आम लोगों को सस्ती दरों पर उपलब्ध हो सकेंगी। हालांकि, राशन डीलर्स ने बजट को निराशाजनक बताया है। ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन राजस्थान के जिलाध्यक्ष भंवर सिंह चौहान ने कहा कि कोरोना काल में महत्वपूर्ण योगदान देने के बावजूद डीलर्स के कमीशन में वृद्धि नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि डीलर्स को 200 रुपये की कमीशन वृद्धि की उम्मीद थी, लेकिन बजट में इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।


