इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से बुजुर्ग बद्री प्रसाद की मौत के बाद परिजन में आक्रोश है। शनिवार को परिजन ने भागीरथपुरा पुल के पास शव रखकर चक्काजाम कर दिया। इस दौरान स्थानीय भाजपा पार्षद कमल वाघेला के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। परिजन का आरोप है कि बद्री प्रसाद की मौत हुए एक दिन हो चुका है, लेकिन प्रशासन का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। परिवार का कहना है कि वे बेहद गरीब हैं और उनके पास अंतिम संस्कार के लिए भी पैसे नहीं हैं। परिजन ने बताया कि बद्री प्रसाद की तबीयत अचानक बिगड़ी थी। इससे पहले वे पूरी तरह स्वस्थ थे। इसके बावजूद प्रशासन इस मौत को दूषित पानी से जोड़ने से इनकार कर रहा है। परिवार ने यह भी बताया कि दो माह पहले बद्री प्रसाद की बहू की भी मौत हो चुकी है, जिससे परिवार पूरी तरह टूट चुका है। चक्काजाम के बाद परिवार को मिली 2 लाख की मदद
बाद में बद्रीप्रसाद के बेटे शैलेंद्र ने बताया कि प्रशासन से मदद के आश्वासन के बाद चक्काजाम खत्म कर दिया गया। पिताजी का अंतिम संस्कार भी हो चुका है। कुछ रहवासियों के माध्यम से बात ऊपर तक पहुंची तो मुझे तत्काल 2 लाख रुपए की मदद मिल गई। तस्वीरों में देखें प्रदर्शन कांग्रेस नेता भी प्रदर्शन में शामिल हुए
बद्री प्रसाद के बेटे शैलेंद्र ने बताया कि दो माह पहले उनकी पत्नी कंचन की भी मौत हो चुकी है। उस समय भी क्षेत्र में दूषित पानी की समस्या बनी हुई थी। परिवार और स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि कंचन की मौत भी इसी कारण हुई थी, लेकिन तब भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे पहुंचे, पार्षद राजू भदौरिया सहित कांग्रेस के कई नेता मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार के समर्थन में धरने पर बैठ गए। सभी ने मांग की कि पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता दी जाए। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि बद्री प्रसाद की मौत को एक दिन बीत चुका है, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन मौत के सही कारण को छुपाने का प्रयास कर रहा है। करीब डेढ़ घंटे तक चले हंगामे के चलते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और क्षेत्र में जाम की स्थिति बन गई थी। एसडीएम के आश्वासन के बाद खुला जाम स्थिति बिगड़ने की सूचना पर अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा। कुछ देर बाद एसडीएम निधि वर्मा, एसीपी विनोद दीक्षित सहित अन्य अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और परिजनों से चर्चा की। एसडीएम निधि वर्मा ने परिवार को भरोसा दिलाया कि क्षेत्र में जल्द ही स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था कराई जाएगी। साथ ही बद्री प्रसाद और उनकी बहू कंचन की मौत के मामले में सीएमएचओ से पूरी रिपोर्ट लेकर शासन स्तर पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। अधिकारियों के आश्वासन के बाद परिजन और प्रदर्शनकारी शांत हुए और चक्का जाम समाप्त कर दिया गया। इसके बाद शव यात्रा मालवा मिल मुक्तिधाम की ओर रवाना की गई। दूषित पानी से अबतक 27 मौतें
दरअसल, भागीरथपुरा में दूषित पानी से हादसों में मरने वालों की संख्या 27 हो गई है। दूसरी ओर मरीजों की संख्या अब काफी कम हो गई है। इस मामले में अब तक 450 से ज्यादा मरीज एडमिट हो चुके हैं। फिलहाल एडमिट मरीजों की संख्या 10 हैं। इनमें से एक वेंटिलेटर पर और दूसरा आईसीयू में हैं। वार्ड में एडमिट 8 मरीजों की हालत ठीक है। इसके साथ ही भागीरथपुरा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर अब डायरिया के मरीज भी इक्का-दुक्का ही आ रहे हैं जिन्हें एडमिट करने की भी जरूरत नहीं पड़ रही है। उधर, क्षेत्र में 30% हिस्से में एक दिन छोड़कर पानी सप्लाई करने के साथ सैंपल लिए जा रहे हैं लेकिन लोग पानी का उपयोग नहीं कर रहे हैं। दूसरी ओर 70% हिस्से में मुख्य पाइप लाइन डाले जाने काम चल रहा है। यह भी पढ़ें… इंदौर में दूषित पानी से 27वीं जान गई इंदौर में दूषित पानी से एक और मौत होने का दावा किया गया है। भागीरथपुरा निवासी विद्या बाई (82) के बेटे शिवनारायण ने कहा- मां को 10 जनवरी से उल्टी-दस्त की शिकायत थी। घर पर इलाज चल रहा था। पूरी खबर यहां पढ़ें….


