भास्कर न्यूज | बाड़मेर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार तथा शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला प्रभारी अधिकारी एवं डिप्टी डायरेक्टर शिक्षा विभाग दीपा मुंडोतिया ने शनिवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय आटी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, भौतिक संसाधनों, विद्यार्थियों की प्रगति तथा नवाचार आधारित गतिविधियों की विस्तार से समीक्षा की। प्रधानाचार्य विकास संखलेचा ने विद्यालय में संचालित शैक्षणिक कार्यक्रमों, परीक्षा परिणामों, उपस्थिति, सह-शैक्षणिक गतिविधियों एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए निरंतर नवाचार, अनुशासन एवं विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। डिप्टी डायरेक्टर ने कक्षाओं, पुस्तकालय, एफएलएन कक्ष एवं अन्य भौतिक सुविधाओं का निरीक्षण किया। भारती एयरटेल फाउंडेशन के प्रतिनिधि ओमप्रकाश सरगरा ने डिप्टी डायरेक्टर को क्वालिटी सपोर्ट प्रोग्राम के अंतर्गत विद्यालय में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। फाउंडेशन के सहयोग से विद्यालय में क्लब एवं हाउस गतिविधियों, पुस्तकालय संवर्धन, एफएलएन कक्ष निर्माण में सहयोग, विद्यार्थियों के लिए आयोजित कार्यशालाओं के सकारात्मक प्रभाव तथा टीचर एप की उपयोगिता के माध्यम से शैक्षणिक गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। डिप्टी डायरेक्टर मुंडोतिया ने कहा कि मेहनत, अनुशासन व लक्ष्य के प्रति समर्पण के साथ शिक्षा ही जीवन को सही दिशा देने का सबसे मजबूत माध्यम हैं। उन्होंने शिक्षकों से संवाद करते हुए कहा कि शिक्षक समाज निर्माण की नींव होते हैं। नवाचार, तकनीक का सही उपयोग और विद्यार्थियों के साथ निरंतर संवाद से शिक्षा को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। साथ ही उन्होंने शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया। हीरालाल जयपाल ने बताया कि इस अवसर पर विद्यालय परिवार की ओर से डिप्टी डायरेक्टर दीपा मुंडोतिया का साफा, माला एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। वरिष्ठ शिक्षिका यास्मीन शेख ने आभार व्यक्त किया। इस मौके पर इलमदीन, रमेश राठौड़, व्याख्याता संतोष कुमार सोनी, डूंगरमल शारदा, यास्मीन शेख, रेखाराम चौधरी, सवाई सिंह राजपुरोहित, भवानी शंकर गर्ग, लक्ष्मीकांत खत्री, रितु परिहार, चंपा चौधरी, मैना चौधरी स्वरूप, जितेन्द्र व खेताराम सहित स्टाफ मौजूद रहे। उन्होंने विद्यालय की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि यदि इसी प्रकार समर्पण और सहयोग से कार्य किया जाए तो ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालय भी उत्कृष्ट शिक्षा का उदाहरण बन सकते हैं।


