0.08 एमएम तक पतले सिलिका बेस पत्थर से बनाया यह कला शहर के युवा अशीष सोनी व निश्चलजीत सोनी ने अपनी संस्था पैलेट द अर्थ संस्था के माध्यम से इजाद की। हैडर तैयार करने के लिए सिलिका बेस पत्थर को अत्याधुनिक तकनीक से घिसते हुए मात्र 0.08 मिलीमीटर पतली परत में बदला गया। बारीक सिलिका परत को भीलवाड़ा भास्कर के हैडर के आकार में ढाला गया। इसके बाद इस परत को मार्बल पत्थर में जड़ाई (इन-ले कार्य) के माध्यम से स्थापित किया गया। मिनरल आर्ट को हैंडीक्राफ्ट ऑफ इंडिया देश की 301वीं कला के रूप में मान्यता देने की तैयारी कर रहा है।


