नर्मदा की उद्गम नगरी अमरकंटक में शनिवार से दो दिवसीय ‘नर्मदा महोत्सव’ की शुरुआत बेहद उत्साह और भक्ति के साथ हुई। मां नर्मदा मंदिर से निकली भव्य शोभायात्रा के साथ उत्सव का श्रीगणेश हुआ। ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के बीच “जय मां नर्मदे” के जयघोष से पूरी नगरी गूंज उठी। इस उत्सव में शामिल होने के लिए देश भर से हजारों श्रद्धालु और साधु-संत अमरकंटक पहुंचे हैं। फूलों की वर्षा और रंगोलियों से हुआ माता का स्वागत मां नर्मदा की शोभायात्रा जब नगर के प्रमुख मार्गों से निकली, तो नजारा देखने लायक था। श्रद्धालुओं ने अपने घरों के बाहर आकर्षक रंगोलियां सजाई थीं। जैसे ही माता का रथ मुख्य बाजार और बस स्टैंड क्षेत्र से गुजरा, लोगों ने उस पर पुष्पवर्षा की और जगह-जगह पूजन-अर्चन कर प्रसाद बांटा। शोभायात्रा के वापस मंदिर पहुंचने पर 24 घंटे चलने वाले अखंड कीर्तन की शुरुआत हुई। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया है, जिसकी निगरानी खुद एसडीएम और एसडीओपी कर रहे हैं। लोक नृत्यों और भक्ति संगीत से सजी शाम शनिवार शाम को रामघाट के उत्तर तट पर ‘निर्झरणी महोत्सव’ का आयोजन किया गया। इस दौरान जनजातीय संस्कृति के विभिन्न रंगों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। डिंडौरी के अर्जुन सिंह धुर्वे और उनके साथियों ने पारंपरिक ‘करमा नृत्य’ की शानदार प्रस्तुति दी, वहीं अनूपपुर के कलाकारों ने ‘गुदुम बाजा’ की थाप पर सबको झूमने पर मजबूर कर दिया। भुवनेश्वर से आए कलाकारों की शंखध्वनि और सिवनी की बाली ठाकरे के भक्ति संगीत ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। छत्तीसगढ़ी लोकगायन की प्रस्तुतियों ने भी कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। महाआरती और दीपों से जगमगा उठा तट सूरज ढलते ही रामघाट का नजारा बेहद अलौकिक हो गया। शाम 7 बजे जब मां नर्मदा की भव्य महाआरती शुरू हुई, तो हजारों दीपों की रोशनी से घाट जगमगा उठा। श्रद्धालुओं ने मां रेवा की आरती उतारकर सुख-समृद्धि की कामना की। देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दौर जारी रहा, जिसमें स्थानीय और बाहरी कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। रविवार को होगा मुख्य जन्मोत्सव और भंडारा महोत्सव के दूसरे दिन यानी रविवार को मुख्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे। सुबह 11 बजे मां नर्मदा का विशेष जन्मोत्सव पूजन किया जाएगा। इसके बाद दोपहर 12 बजे कन्या पूजन और विशाल भंडारे का आयोजन होगा, जिसमें हजारों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। रविवार शाम को भी रामघाट और मंदिर प्रांगण में महाआरती के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की विशेष प्रस्तुति दी जाएगी।


