कारण: जनवरी में अत्यधिक सर्दी का मुख्य कारण शुष्क उत्तरी हवाएं

पाली | जिले में इस माह मौसम लगातार चौंका रहा है। कभी गर्मी तो कभी तेज सर्दी का असर देखने को मिल रहा है। शुक्रवार-शनिवार की रात बीते 9 वर्षों में सबसे ठंडी दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। वहीं, लगातार दूसरे दिन अधिकतम तापमान 18.2 डिग्री पर ही ठहर गया। सर्दी का असर इतना तेज रहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शनिवार सुबह कारों और बर्तनों तक पर बर्फ जम गई। पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बर्फबारी के चलते जिले के अधिकांश हिस्सों में बर्फीली हवाएं चलती रहीं, जिससे दिन और रात दोनों के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विशेषज्ञ, डॉ.राजू चौधरी के अनुसार पाली में जनवरी में अत्यधिक सर्दी का मुख्य कारण उत्तर भारत में सक्रिय शुष्क उत्तरी हवाएं और पश्चिमी विक्षोभ का असर है। पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बर्फबारी के बाद ठंडी हवाएं मैदानी इलाकों की ओर बढ़ीं, जिससे तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई। साथ ही रात में आसमान साफ रहने से रेडिएशनल कूलिंग बढ़ी, जिससे धरातल की गर्मी तेजी से बाहर निकल गई। कम नमी और हल्की हवा के कारण ठंड का प्रभाव और अधिक बढ़ गया, जिससे पाली में न्यूनतम तापमान असामान्य रूप से नीचे चला गया। बेड़ा.कार पर जमी बर्फ

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