निजी बसों की हड़ताल: 1800 बसें नहीं चली, इससे चार लाख यात्री हुए परेशान

यात्री हुए परेशान: कोई बाइक से तो किसी ने रोडवेज में किया सफर… बागौर जाने के लिए मोमीना अपने भाई यूनिस के साथ सुबह प्राइवेट बस स्टैंड पहुंची। यहां आने के बाद हड़ताल की जानकारी मिली। मोमीना को भाई बाइक पर बागौर छोड़ने गया। देवली निवासी विशाल ने बताया कि वह भीलवाड़ा में कोचिंग करता है। कल रविवार है तो घर जाने के लिए प्राइवेट बस स्टैंड गया तो बसें बंद थी। अब रोडवेज में बैठने के लिए आया हूं तो दो बसें भरी होने के कारण से नहीं बैठ सका। अब तीसरी में जगह मिली है तो जा रहा हूं। विभिन्न क्षेत्रों में बसों से केबल व इलेक्ट्रीक आइटम भेजने वाले राजेश ने बताया कि आम दिनों की तरह ही प्राइवेटबस स्टैंड पहुंचा, लेकिन यहां पर निजी बसों के हड़ताल होने की जानकारी मिली। अब कल भेजना पड़ेगा। परिवहन विभाग पर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने और मोटर व्हीकल एक्ट के विरुद्ध कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए राजस्थान के बस ऑपरेटरों ने शनिवार को निजी बसों का संचालन पूरी तरह ठप रखा। हड़ताल का असर भीलवाड़ा जिले में भी व्यापक रूप से देखने को मिला। बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन राजस्थान के प्रदेश प्रवक्ता जगदीश ओझा ने बताया कि जिले में करीब 1800 बसों का संचालन नहीं हो सका, जिससे लगभग 4 लाख यात्री प्रभावित हुए। हड़ताल के चलते यात्री परिवहन बुरी तरह प्रभावित रहा। रोडवेज बसों और प्राइवेट जीपों में दिनभर भारी भीड़ नजर आई। कई यात्रियों को खड़े होकर सफर करना पड़ा, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों से शहर आने-जाने वालों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। बसों के बंद रहने से अनुमानित एक करोड़ 80 लाख रुपए के कारोबार का प्रभावित हुआ है। हड़ताल में राजस्थान की लोक परिवहन और स्टेज कैरिज बसें, अनुबंधित एवं उपनगरीय बसें, ग्रामीण व सिटी बसें, स्कूल और फैक्ट्री बसों की सेवाएं पूरी तरह बंद रहीं। बस ऑपरेटरों का कहना है कि परिवहन विभाग द्वारा की जा रही कार्रवाई नियमों के खिलाफ है और निजी बस संचालकों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। बस ऑपरेटरों ने मांग की है कि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए, अन्यथा आंदोलन को और तेज किया जाएगा। भीलवाड़ा प्राइवेट बस में हड़ताल के कारण रोडवेज बस स्टैंड पर बड़ी भीड़ यात्रियों की। इस तरह समझें किस-किस को नुकसान हुआ हड़ताल से… बसों की हड़ताल के कारण से डीजल की ब्रिकी नहीं हुई, साथ ही ही टोल भी नहीं कटा, ऑटो पार्टस की ब्रिकी भी नहीं हुई। बस स्टैंड पर दुकान चलाने वाले छोटे दुकानदारों की ब्रिकी भी नहीं हुई। बसों की हड़ताल से रोडवेज में 30 प्रतिशत यात्री भार बढ़ा… जिले में बसों की हड़ताल होने के कारण से रोडवेज बसों में यात्री भार बढ़ गया है। रोडवेज बसों में 30 प्रतिशत यात्री अधिक रहा है। कोटा व देवली रूट पर यात्री भार अन्य मार्गों के मुकाबले अधिक रहा। हालांकि अतिरिक्त बसें चलाने की आवश्यकता नहीं हुई। उदयपुर, चित्तौड़, अजमेर व जयपुर की तरफ यात्रा करने वाले यात्री ट्रेनों से निकल गए।

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