रतलाम के नूरी नगर (सालाखेड़ी चौकी क्षेत्र) में पिता की डांट से नाराज होकर 15 साल के बेटे ने फांसी लगाकर जान दे दी। घटना शनिवार रात करीब 7.30 बजे की है। नाबालिग ने घर के सामने खड़े पिता के ऑटो में ही रस्सी का फंदा बनाकर खुदकुशी कर ली। परिजनों ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भिजवाया है। मृतक का नाम मेहमूद (15) पिता अहमद शाह है। शनिवार रात उसका शव घर के बाहर खाली प्लॉट में खड़े ऑटो रिक्शा के पास संदिग्ध हालत में मिला। पड़ोसियों ने उसे बेसुध देखा तो हड़कंप मच गया। उन्होंने तुरंत घर पर मौजूद मां को सूचना दी। मां बाहर आई और बेटे की हालत देख रोने लगी। पड़ोसियों की मदद से मां उसे लेकर रात 8 बजे जिला अस्पताल पहुंची। सूचना मिलने पर पिता भी वहां पहुंच गए। पिता बोले थे- आवारा लड़कों के साथ मत घूम सालाखेड़ी चौकी के एएसआई बबलू डागा ने बताया कि मृतक के पिता के पास तीन ऑटो हैं। पूछताछ में सामने आया कि शनिवार शाम करीब 7 बजे पिता सवारी छोड़ने जा रहे थे, तभी उन्होंने बेटे को कुछ लड़कों के साथ देखा। उन्होंने ऑटो रोककर बेटे को डांटा और कहा- “आवारा लड़कों के साथ मत घूमा कर।” इसके बाद वे चले गए। घर पहुंचकर बेटा एक अन्य खड़े ऑटो में बैठकर पहले रोया, फिर वहीं पड़ी रस्सी से फांसी लगा ली। अस्पताल में हंगामा, पीएम कराने से इनकार रात में जिला अस्पताल में हंगामे की स्थिति बन गई। डॉक्टर शव को पोस्टमार्टम (पीएम) के लिए मेडिकल कॉलेज भेजना चाहते थे, लेकिन परिजन इसके लिए तैयार नहीं थे। मौके पर पहुंचे एएसआई बबलू डागा और अन्य पुलिसकर्मियों ने परिजनों को समझाया। काफी देर बाद रात करीब 10 बजे परिजन माने, जिसके बाद शव को मेडिकल कॉलेज की मर्च्युरी में रखवाया गया। रविवार सुबह पोस्टमार्टम होगा। गले पर निशान, ऑटो में बंधी थी रस्सी शुरुआत में पिता और परिजन घटना को लेकर कुछ भी बताने को तैयार नहीं थे। बाद में पिता ने माना कि बेटे के गले में निशान हैं और ऑटो के पास रस्सी मिली है। पुलिस जांच में पता चला कि रस्सी ऑटो रिक्शा के अंदर बंधी थी, जबकि शव बाहर की तरफ सटा हुआ मिला। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।


