खेतों में फसलों पर जमी बर्फ:सिंचाई करने वाले पाइप लाइनों में भी जमी बर्फ, शीतलहर से पारा जमाव बिंदु पर ; रबी की फसलों को भारी नुकसान

नागौर और डीडवाना-कुचामन जिले में पिछले दो दिनों से कड़ाके की ठंड और शीतलहर ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। उत्तर-पश्चिमी बर्फीली हवाओं के चलते तापमान जमाव बिंदु के करीब पहुंच गया है जिससे ग्रामीण इलाकों में खेतों के भीतर फ्रिज जैसा नजारा देखने को मिल रहा है। लगातार दूसरी रात पारा गिरने से खेतों में खड़ी फसलों और सिंचाई के पानी पर बर्फ की मोटी परत जम गई है। तरनाऊ, साजु, डेगाना, खाटू और मकराना सहित जिले के अधिकांश हिस्सों में भीषण पाला पड़ने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। पहले तस्वीरों में देखिये कहां कहां जमी बर्फ… ​रबी की फसलों पर मंडराया संकट और भारी नुकसान की आशंका ​कड़ाके की इस ठंड ने रबी की मुख्य फसलों को बुरी तरह अपनी चपेट में ले लिया है। विशेष रूप से सरसों, जीरा और इसबगोल की फसलों पर पाले का सबसे घातक असर देखा जा रहा है। खेतों में बर्फ जमने के कारण पौधों के झुलसने की खबरें सामने आ रही हैं जिससे उत्पादन में भारी गिरावट का डर पैदा हो गया है। एनआरडीके के नानूराम डूडी के अनुसार तापमान के शून्य के करीब पहुंचने से फसलों की कोशिकाओं में पानी जम जाता है जिससे पौधे नष्ट हो जाते हैं। कृषि विशेषज्ञों और किसानों का मानना है कि यदि ठंड का यही दौर जारी रहा तो खेतों में खड़ी मेहनत पूरी तरह बर्बाद हो सकती है। ​ठिठुरन भरी हवाओं से थमी जनजीवन की रफ्तार ​भीषण ठंड के कारण केवल खेती ही नहीं बल्कि आम जनजीवन भी पूरी तरह ठहर सा गया है। दिनभर चलने वाली सर्द हवाओं के कारण लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं और बाजारों में भी सन्नाटा पसरा नजर आता है। सुबह और शाम के समय हालात अधिक खराब हो जाते हैं जब शीतलहर के कारण बाहर निकलना दूभर हो जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं के पीने के पानी की खेलियों में भी बर्फ जमने की स्थिति बन गई है। शहरी क्षेत्रों की बात करें तो नागौर शहर में न्यूनतम तापमान 0.5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है जबकि दिन का अधिकतम तापमान भी 18.3 डिग्री से ऊपर नहीं जा पा रहा है। ​मौसम विभाग की चेतावनी और बारिश के आसार ​मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए भी कड़ी चेतावनी जारी की है। आगामी 26 और 27 जनवरी को क्षेत्र में शीतलहर का प्रकोप जारी रहने की संभावना है जिससे पारा जमाव बिंदु के आसपास ही बना रहेगा। हालांकि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 26 जनवरी से बादलों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है जिससे कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी या हल्की बारिश हो सकती है। 27 जनवरी को भी डीडवाना-कुचामन और आसपास के इलाकों में तेज हवाओं के साथ छिटपुट बारिश के आसार जताए गए हैं जिससे सर्दी का असर और अधिक बढ़ सकता है।

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