पंजाब पुलिस के स्टेट ऑपरेशन सेल ने (SSOC) ने सीमा-पार पाकिस्तान से चल रहे नार्को-टेरर नेटवर्क पर बड़ा एक्शन किया है। पुलिस ने इस नेटवर्क में शामिल आरोपी सतनाम सिंह को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस मुताबिक नेटवर्क भारी मात्रा में हेरोइन और अवैध हथियारों की तस्करी से जुड़ा है। आरोपी हरियाणा के नवंबर 2025 में हरियाणा के सिरसा में हुए ग्रेनेड हमले से भी जुड़ा हुआ है। पंजाब पुलिस की तरफ से अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट डालकर यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। बैंक खातों का प्रयोग हुआ है शुरूआती जांच में सामने आया है कि आरोपी ने हेरोइन तस्करी से आने वाले पैसों के लेन-देन में मदद की। उसने अपना बैंक खाता और यूपीआई पाकिस्तान में बैठे एक ड्रग तस्कर के कहने पर इस्तेमाल करने दिया। इन्हीं पैसों का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। पंजाब पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नार्को-टेरर के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत ऐसे नेटवर्क की आर्थिक और लॉजिस्टिक रीढ़ तोड़ी जा रही है। राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पहुंचाने वाली गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी और लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। नवंबर में हुआ था हमला हरियाणा के सिरसा में महिला पुलिस थाने पर ग्रेनेड हमला 25 नवंबर 2025 को रात में हुआ था। यह घटना काफी सुर्खियां बनी क्योंकि इसमें खालिस्तान लिबरेशन आर्मी (Khalistan Liberation Army) ने जिम्मेदारी ली, और जांच में पाकिस्तान कनेक्शन तथा नारको-टेरर लिंक भी सामने आए थे। यह एक लो-इंटेंसिटी ब्लास्ट (कम तीव्रता वाला विस्फोट) था। ग्रेनेड थाने के बाहर फेंका गया, जिससे थोड़ा नुकसान (जैसे दीवार या आसपास की संपत्ति को मामूली क्षति) हुआ, लेकिन कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिससे दहशत फैली, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ। पुलिस ने शुरुआत में 5 युवकों को गिरफ्तार किया (उनके नाम: धीरज, विकास धारीवाल उर्फ विक्की, संदीप, सुशील आदि; ज्यादातर सिरसा के खारिया गांव के रहने वाले)। बाद में छठा आरोपी (शिजान या शिज़ान) भी गिरफ्तार हुआ ।


