छत्तीसगढ़ के धमतरी स्थित प्राचीन बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि से पहले तिलक उत्सव का आयोजन किया गया। बनारस की तर्ज पर आयोजित इस कार्यक्रम में भक्तों ने महादेव को विवाह सामग्री अर्पित की और विशेष आरती में शामिल हुए। यह तिलक उत्सव 15 फरवरी को होने वाले महाशिवरात्रि पर्व पर भगवान भोलेनाथ के विवाह के लिए मंगल कार्यक्रम के रूप में आयोजित किया गया। विवाह से एक दिन पहले 14 फरवरी को बारात निकाली जाएगी, जिसकी तैयारियां जोरों पर हैं। मंदिर में श्रद्धालुओं ने बाजे-गाजे के साथ बूढ़ेश्वर महादेव को तिलक और विवाह सामग्री अर्पित की। बड़ी संख्या में भक्त महादेव की विशेष आरती में शामिल हुए और भक्तिमय माहौल में झूमते नजर आए। उत्सव भोले बाबा और मां पार्वती के विवाह का प्रतीक श्रद्धालुओं ने बताया कि यह तिलक उत्सव भोले बाबा और मां पार्वती के विवाह का प्रतीक है। भक्त मां पार्वती की ओर से बूढ़ेश्वर महादेव को तिलक लेकर पहुंचे थे। इस दौरान महादेव को विभिन्न प्रकार की सामग्री भेंट की गई। बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर लगभग 1400 वर्ष प्राचीन है, जहां बनारस की परंपरा के अनुसार महाशिवरात्रि पर भगवान शिव का विवाह संपन्न कराया जाता है। यह तिलक कार्यक्रम इसी विवाह उत्सव का प्रारंभिक चरण है। भजन-कीर्तन का आयोजन भक्तों में इस आयोजन को लेकर भारी उत्साह देखा गया। तिलक मंगल कार्यक्रम के तहत सुबह 6 बजे से देर शाम तक भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसके बाद देर रात तिलक अर्पित किया गया। 15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर भजन-कीर्तन होगा। 14 फरवरी को शहर की आराध्य देवी मां बिलाई विंध्यवासिनी माता, मां पार्वती को लेकर बूढ़ेश्वर महादेव के प्रांगण में आएंगी। इसी दिन मां पार्वती और भोले बाबा का विवाह समारोह आयोजित किया जाएगा।


