अलवर के डहरा शाहपुरा कॉपरेटिव सोसायटी के जिम्मेदारों ने आसपास के 5 से 6 गांवों के सैकड़ों किसानों के बैंक से करीब 1 से डेढ़ करोड़ रुपए हड़प लिए और किसानों को खबर तक नहीं हुई। यह पूरा खेल सोसायटी के सचिव सहित अन्य पदाधिकारियों ने मिलकर किया। किसानों के अंगूठा निशान लगाकर उनको 10 से 20 हजार रुपए थमाए और उनके नाम से सरकार से 40 से 80 हजार रुपए लिए गए। अब किसानों के पास रिकवरी के नोटिस आए तो पता चला कि जितनी रकम के नोटिस आए उतने तो उनको मिले नहीं। इस मामले में रविवार को अलवर शहर में किसान केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मिले हैं। जिन्होंने जांच कराने की बात कही है। ग्रामीण ने बताया कैसे उनके खाते से पैसे उठाए अलवर के निकट शाहपुरा गांव के ग्रामीण मोहनलाल ने कहा कि साल में दो बार अंगूठा लगवाकर किसानों को कॉपरेटिव सोसायटी के जरिए बिना ब्याज का पैसा मिलता है। कुछ समय के बाद सरकार के स्तर पर लोकन की रकम बढ़ाई जाती है। यहां ये हुआ है कि किसान से कहा गया कि उनका कोई पैसा नहीं बढ़ा। जबकि सरकार से पैसा बढ़कर आया। लेकिन किसानों से पुराने हिसाब से अंगूठा लगाकर पैसा दिया। बाकी का पैसा खुद ने रख लिया। इस तरह सैकडों किसानों का पैसा जेब में रख लिया। अब किसान के पास रिकवरी का नोटिस आया तो इस खेल का पता चला है। दूसरे किसान ने कहा – करीब डेढ़ करोड़ रुपए उठा लिए ग्रामीण तेज सिंह ने बताया कि करीब एक से डेढ़ करोड़ रुपए गबन का मामला है। असल में किसानों को कॉपरेटिव सोसायटी से बिना ब्याज का पैसा मिलता है। सोसायटी के सचिव व अन्य पदाधिकारियों ने किसानों को 10 हजार रुपए मिलना बताया। यह रकम साल दर साल बढ़ती जाती है। सचिव ने अपने स्तर पर किसानों का लोन 10 हजार रुपए से आगे बढ़ा दिया। लेकिन किसानो ंको नहीं बताया गया। किसान को केवल 10 हजार रुपए ही बताया। किसी को 20 हजार रुपए ही बताया। जबकि उनका लोन बढ़कर 40 से 60 हजार रुपए तक हो गया था। किसानों ने कहा कि इस मामले में तोताराम व चरण सिंह ने गड़बड़ी की है। इसकी जांच के लिए एमडी से मिल चुके हैं। उन्होंने जांच कराने की बात की है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस मामले में निष्पक्ष जांच कराएंगे।


