रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (रादुविवि) के कुलगुरु प्रो. राजेश कुमार वर्मा के साथ अभद्रता के आरोप में एक कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया है। आरोपी कर्मचारी पर कुलगुरु की कमर में हाथ डालने का प्रयास करने का आरोप है। निरीक्षण के दौरान कमर में हाथ डालकर खींचने की कोशिश की विश्वविद्यालय सूत्रों के अनुसार, 17 दिसंबर को कुलगुरु प्रो. राजेश कुमार वर्मा लेखा शाखा का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इसी दौरान वहां मौजूद कर्मचारी संजय यादव ने कथित तौर पर कुलगुरु की कमर में हाथ डालकर उन्हें अपनी ओर खींचने की कोशिश की। घटना से कुलगुरु असहज हो गए और उन्होंने कर्मचारी को तत्काल दूर हटाया। शिकायत के बाद तत्काल कार्रवाई घटना की जानकारी रजिस्ट्रार को दी गई, जिसके बाद कर्मचारी को नोटिस जारी किया गया। जांच के बाद कुलसचिव द्वारा जारी आदेश में संजय यादव को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया। निलंबन अवधि में कर्मचारी का मुख्यालय शंकराचार्य लाइब्रेरी, कटनी रहेगा। पहले भी लग चुके हैं गंभीर आरोप आरोपी कर्मचारी संजय यादव पर पहले भी कई गंभीर आरोप लग चुके हैं। वह वर्ष 2011 के चर्चित मेडिकल सेक्स स्कैंडल मामले में भी आरोपी रहा है। इससे पहले 1999 में कुलपति से अभद्रता के मामले में उसकी सेवाएं समाप्त की जा चुकी थीं। उस समय वह दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी था। स्थापना और स्टोर शाखा की होगी जांच कुलगुरु प्रो. राजेश कुमार वर्मा ने स्थापना शाखा और स्टोर शाखा के कर्मचारियों की जांच के आदेश दिए हैं। आरोप है कि इन दोनों शाखाओं में कर्मचारियों द्वारा अन्य कर्मचारियों के साथ अभद्रता की शिकायतें सामने आई हैं। जांच के बाद संबंधित कर्मचारियों को विभाग से हटाने की कार्रवाई की जाएगी। दो विभागों का किया औचक निरीक्षण शनिवार दोपहर करीब 1 बजे कुलगुरु ने एमएससी और गणित विभाग का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एमएससी विभाग में ताला लगा मिला, जबकि गणित विभाग में केवल एक अतिथि विद्वान मौजूद था। छात्रों की शिकायतों के आधार पर यह निरीक्षण किया गया। राजशेखर भवन के कुछ विभाग फिलहाल कुलगुरु के रडार पर हैं। मामले की जांच जारी है। कार्रवाई गलत संजय यादव ने पूरे मामले पर सफाई देते हुए कहा कि वे लंबे समय से कर्मचारी नेता रहे हैं, और वर्षों से कर्मचारियों के अधिकारों की लड़ाई लड़ते आ रहे हैं, इसी बात से कुछ लोग नाराज हैं। उन्होंने बताया कि स्वागत के दौरान वे नारे लगा रहे थे और फोटो खिंचवाते समय गलती से हाथ लग गया होगा। इसके लिए उन्होंने माफी भी मांगी थी, लेकिन इसके बावजूद उनके खिलाफ ही कार्रवाई कर दी गई।


