अनूपपुर वन मंडल में तीन हाथियों का एक समूह रविवार को वन परिक्षेत्र अनूपपुर की ग्राम पंचायत पोड़ी के जंगल में देखा गया। ये हाथी शनिवार रात पोड़ी, मानपुर और खांड़ा इलाकों में विचरण करते रहे, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
वन विभाग की टीम ने गांवों में मुनादी और अन्य माध्यमों से ग्रामीणों को सतर्क रहने की सूचना जारी की है। विभाग ने लोगों से हाथियों को परेशान न करने, उनसे छेड़खानी न करने और किसी भी जानकारी पर तुरंत ग्राम पंचायत या वन विभाग को सूचित करने की अपील की है। साथ ही, रात के समय घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। हालांकि, हाथियों ने अभी तक किसी ग्रामीण के घर को नुकसान नहीं पहुंचाया है, लेकिन उनके गांव में पहुंचने से ग्रामीणों की नींद उड़ गई है।
जैतहरी में हुई दो लोगों की मौत की घटना से ग्रामीण भयभीत हैं। उनका कहना है कि हाथी अक्सर भोजन की तलाश में घरों की दीवारें गिरा देते हैं या बाहर सो रहे लोगों पर हमला कर देते हैं, जिससे अनहोनी की आशंका बनी रहती है। जिला मुख्यालय और शहरी आबादी से सटे पोड़ी गांव में हाथियों की आवाजाही को देखते हुए वन विभाग का अमला लगातार उन पर निगरानी बनाए हुए है। वन परिक्षेत्र अधिकारी स्वर्ण गौरव सिंह ने बताया कि हाथी अभी पोड़ी ग्राम पंचायत के जंगल में हैं और उनके हर मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है। मुख्यालय की ओर आने वाले सड़क मार्गों और नेशनल हाईवे पर भी सतर्कता बरती जा रही है। इससे पहले, शनिवार शाम को हाथियों का यह समूह नेशनल हाईवे 43 के किनारे घंटों विचरण करता रहा था। अभी तक किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन ग्रामीणों को लगातार सतर्क रहने की सूचनाएं प्रसारित की जा रही हैं। उल्लेखनीय है कि जैतहरी में 29 दिन बिताने के बाद, ये हाथी पिछले चार दिनों से अनूपपुर वन परिक्षेत्र के ग्रामीण अंचल गुवारी, अमगवां, छुलहा, भगतबांध से होते हुए सोन नदी पार कर बरबसपुर के भोलगढ़ सीतापुर, बरबसपुर से होते हुए पोड़ी के जंगल में पहुंचे हैं।


