जायल उपखण्ड के ग्राम पंचायत झाड़ेली में चल रहे राजनीतिक गतिरोध ने रविवार को उस समय उग्र रूप ले लिया जब बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जायल तहसील चौराहे पर पहुंचकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान आक्रोशित ग्रामीणों ने भाजपा के नागौर जिलाध्यक्ष रामधन पोटलिया पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनका पुतला दहन किया और उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों का कहना था कि जिलाध्यक्ष की कार्यप्रणाली से गांव के विकास में बाधा उत्पन्न हो रही है। पंचायत कार्यों में हस्तक्षेप का लगाया आरोप तहसील चौराहे पर जुटे सैकड़ों ग्रामीणों ने भाजपा जिलाध्यक्ष रामधन पोटलिया के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा कि वे ग्राम पंचायत के प्रशासनिक और विकास कार्यों में लगातार दखलंदाजी कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जिलाध्यक्ष के अनुचित दबाव के कारण पंचायत के कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट अटक गए हैं और स्थानीय प्रशासन भी स्वतंत्र रूप से कार्य नहीं कर पा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि राजनीतिक रसूख के चलते पंचायत की कार्यप्रणाली को प्रभावित किया जा रहा है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पद से हटाने की मांग पर अड़े ग्रामीण विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने एक सुर में भाजपा जिलाध्यक्ष रामधन पोटलिया को पद से हटाने की मांग उठाई। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या के बारे में पूर्व में भी कई बार संबंधित अधिकारियों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को अवगत कराया था, लेकिन लंबे समय से उनकी शिकायतों को नजरअंदाज किया जा रहा है। उचित सुनवाई न होने से क्षुब्ध होकर ग्रामीणों को मजबूरन सड़क पर उतरकर विरोध जताना पड़ा। प्रशासन को दी उग्र आंदोलन की चेतावनी प्रदर्शन के अंत में ग्रामीणों ने प्रशासन और सरकार के नाम संदेश देते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द ही जिलाध्यक्ष के हस्तक्षेप पर रोक नहीं लगाई गई और उन्हें पद से मुक्त नहीं किया गया, तो यह विरोध प्रदर्शन और तेज किया जाएगा। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में वे उपखंड मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर सकते हैं, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा।


