मन की बात में बाड़मेर के बाजरे के लड्‌डू:पीएम मोदी ने कहा- मिलेट्स की बाजार में बड़ी मांग, प्रसाद में बांटे जा रहे

पीएम नरेंद्र मोदी ने मन की बात में बाड़मेर जिले के एक किसान की कंपनी का जिक्र किया है। मोदी ने कहा- राजस्थान के रामसर में भी किसान श्री अन्न को लेकर इनोवेशन कर रहे है। यहां के रामसर आर्गेनिक फॉर्मर प्रोडयूसर कंपनी लिमिटेड से 900 से अधिक किसान जुड़े हुए है। यह किसान मुख्य रूप से बाजरे की खेती करते है। यहां बाजरे का प्रोसेस करके खाने के लिए लड्‌डू तैयार किए जाते है। इसकी बाजार में बड़ी मांग है। दरअसल, किसान पनाराम सारण पुत्र इसराराम बाड़मेर जिले के रामसर तहसील के खडीन के रहने वाले है। साल 2023 में इन्होंने बाजरे के प्रोडक्ट्स बनाने का काम शुरू किया था। किसान पनाराम का कहना है कि पीएम मोदी जी ने साल 2023 मिलेट्स घोषित किया है। तब से मैंने बाजरे के लड्‌डू, बिस्कुट बनाते है। इसके अलग-अलग फोटो सैंपल हमने ऑनलाइन इमोजन, माई स्टोर पर अपलोड कर देते है। फिर ऑर्डर मिलता है। वैसे हम बनाकर उसको भेज देते है। ऑर्डर पर ही बनाते है। आर्गेनिक का लंबे समय तक रह नहीं सकती है। ऑर्डर मिलने पर किसानों को जोड़ देते है। ऑर्डर नहीं मिलता है तो ठप रहता है। अपने यहां पर एक साल में एक सीजन की बारिश से खेती होती है। आर्गेनिक बाजरे को इकट्‌ठा करते है। काम कम करते है लेकिन करते है वो शुद्ध करते है। बहुत ही खुशी हुई किसान पनाराम ने बताया- मुझे बहुत खुशी हुई कि देश के प्रधानमंत्री ने मेरी कंपनी का नाम लेकर मेरी सराहना की है। इससे मुझे काम करने की शक्ति मिलेगी। दिल्ली में अमेजन और माई स्टोर पर पनाराम ने बताया- दिल्ली में सेमिनार था। जिसमें बाजरे के बिस्किट बनाने वालों को बुलाया था। तब उन्होंने ऑनलाइन मार्केटिंग में आईडी बनाकर दी और कहा कि हम आपकी हेल्प करेंगे। तब हमने कंपनी का रजिस्ट्रेशन करवाएं एक साल से ऊपर हो गया। अमेजन पर ऑर्डर पर मिलता है पनाराम ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि कई लोग इमजोन पर फ्राड बहुत होता है। पोस्टर बढ़िया होता है लेकिन अंदर कुछ नहीं होता है। इस वजह से लोग विश्वास कम करते है। मंदिरों में प्रसाद के रूप में बाजरे के लड्‌डू मन की बात में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा- राजस्थान के रामसर में भी किसान श्री अन्न को लेकर इनोवेशन कर रहे है। यहां के रामसर आर्गेनिक फॉर्मर प्रोडयूसर कंपनी लिमिटेड से 900 से अधिक किसान जुड़े हुए है। यह किसान मुख्य रूप से बाजरे की खेती करते है। यहां बाजरे का प्रोसेस करके खाने के लिए लड्‌डू तैयार किए जाते है। इसकी बाजार में बड़ी मांग है। इतना ही नहीं मुझे यह जानकार खुशी होती है कि कई मंदिर ऐसे है जो प्रसाद में सिर्फ मिलेट्स का उपयोग करते है। मंदिर के सभी व्यवस्थापकों को हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। उनकी यह पहल के लिए। साथियों से श्री मिलेट्स अन्न से अन्नदाताओं की कमाई बढ़ने के साथ लोगों के हेल्थ में भी सुधार की गारंटी बनता जा रहा है। मिलेट्स पोषण से भरपूर होते है। सुपर फूड होते है। हमारे देश में सर्दियों का मौसम खान-पान के लिए बहुत ही अच्छा माना जाता है। ऐसे में इन दिनों हमें श्री अन्न का सेवन करना चाहिए।

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