डूंगरपुर जिले की सागवाड़ा नगरपालिका भवन का भूमि पूजन रविवार को विवादों के बीच हुआ। राष्ट्र संत पुलकसागर महाराज ने इस अवसर पर नारियल फोड़ा। हालांकि भाजपा के कई पार्षद विरोध के चलते कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। सागवाड़ा विधायक शंकर डेचा ने इस भूमि पूजन को नगर के विकास की कड़ी बताया और नाराज कार्यकर्ताओं को समझाने की बात कही। भूमि पूजन कार्यक्रम में विधायक डेचा, पूर्व सांसद कनकमल कटारा और भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक पटेल ने आरती उतारी। एमएलए डेचा ने कहा कि सागवाड़ा में नए नगरपालिका भवन की मांग लंबे समय से थी, जो अब पूरी होने वाली है। उन्होंने स्वीकार किया कि भाजपा के ही कुछ पार्षद भवन को पुरानी जमीन पर बनाने की मांग कर रहे थे, लेकिन उनसे बातचीत कर समझाइश की गई है।
डेचा ने नई जगह के चयन का कारण बताते हुए कहा कि यहां नए भवन के लिए पर्याप्त 35 बीघा जमीन उपलब्ध है। इसके आसपास नगर के कई बड़े प्रोजेक्ट भी हैं, जिससे नगर के विकास को नई गति मिलेगी। कांग्रेस ने कार्यक्रम से बनाए रखी दूरी
दूसरी ओर भाजपा के कई पार्षद नए भवन को नई जमीन पर बनाने के विरोध में हैं, जिसके चलते वे कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। कांग्रेस ने भी इस कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी। विरोधी पार्षदों का आरोप है कि प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के बावजूद और नगर निकाय चुनाव में भाजपा द्वारा नई जगह पर भवन बनाने का विरोध करने के बावजूद, अब भाजपा अध्यक्ष होने पर भी वे कांग्रेस द्वारा चिह्नित जमीन पर ही नया भवन बना रहे हैं।


