शिक्षा को सबसे बड़ी पूंजी मानते हुए जोधपुर के राजपुरोहित समाज में एक विवाह समारोह ने नई परंपरा की शुरुआत की। यहां पुस्तकों के प्रति प्रेम और नवाचार का अनूठा उदाहरण देखने को मिला। अक्सर शादी में ससुराल पक्ष दूल्हे को विदाई के समय सोना-चांदी या महंगे उपहार देकर विदा करता है, लेकिन सहकारिता निरीक्षक महेंद्र सिंह राजपुरोहित ने एक अलग मिसाल पेश की। दरअसल, महेंद्र सिंह की बेटी श्रुति की शादी शुक्रवार को संपन्न हुई, जबकि बारात की विदाई शनिवार को हुई। विदाई के दौरान महेंद्र सिंह ने दूल्हे तुषार सिंह को पारंपरिक सोने-चांदी या महंगे कपड़ों की बजाय आकर्षक मोटिवेशनल पुस्तकों का गिफ्ट हैंपर भेंट किया। इससे उन्होंने समाज में शिक्षा और पुस्तकों के महत्व को समझाया। बारात जोधपुर के बासनी मनाना निवासी रूप सिंह और इंद्र सिंह के घर से आई थी। समठूनी और विदाई समारोह के दौरान यह पहल बेहद प्रशंसनीय रही। जहां परंपरा अनुसार दूल्हे को आभूषण, वस्त्र और सौंदर्य सामग्री दी जाती है, वहां महेंद्र सिंह ने किताबों के चयन से युवाओं को करियर मार्गदर्शन और प्रेरणा का संदेश दिया। महेंद्र सिंह ने कहा कि उन्हें बचपन से ही पुस्तकों से प्रेम है। वे सभी युवाओं से कहना चाहते हैं कि पढ़ाई-लिखाई से ही सफलता हासिल की जा सकती है, इसलिए उन्होंने यह अनोखी पहल की। परिवार की जगह लगाई गांव की तस्वीर आमतौर पर लोग शादी के समय गैलरी में अपने परिवार की फोटो लगवाते हैं, लेकिन महेंद्र सिंह ने उससे भी हटकर अपने गांव की तस्वीरें लगाई जो काफी पसंद की गई। उन्होंने गांव से अपने जुड़ाव को प्रदर्शित करते हुए गांव के प्रमुख ओर ऐतिहासिक स्थलों को शादी में मेहमानों के स्वागत के लिए बनाई गैलरी में जगह दी। विवाह समारोह में राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधिपति मुकेश राजपुरोहित, पूर्व सांसद जसवंत सिंह विश्नोई, जोधपुर के अतिरिक्त जिला कलेक्टर जवाहर चौधरी, अतिरिक्त जिला कलेक्टर सुरेन्द्र सिंह पुरोहित, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नारायण सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दुर्ग सिंह, सहायक पुलिस आयुक्त बोरानाडा आनंद सिंह, रजिस्ट्रार कृषि विश्वविद्यालय समंदर सिंह भाटी, एसडीएम विश्वजीत सिंह, सहकारिता विभाग के संयुक्त रजिस्ट्रार प्रशांत कल्ला, पाली अर्बन को ऑपरेटिव बैंक के प्रबंध निदेशक फतेह सिंह, समाज कल्याण विभाग के उप निदेशक प्रहलाद सिंह, सिवाना प्रधान मुकनसिंह, खंड विकास अधिकारी विक्रम सिंह, जिला आबकारी अधिकारी गजेंद्र सिंह सहित राजनीति, प्रशासनिक और सामाजिक क्षेत्र की जानी मानी कई प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं।


