सिरोही में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई में विशिष्ट न्यायालय एनडीपीएस ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायाधीश रूपा गुप्ता की अदालत ने डोडा पोस्त तस्करी के तीन आरोपियों को 10-10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दो-दो लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। विशिष्ट लोक अभियोजक डॉ. लक्ष्मण सिंह बाला ने बताया कि मामला 12 अगस्त 2019 का है। पालड़ीएम थाने की पुलिस ने उथमन टोल प्लाजा पर नाकाबंदी के दौरान एक ट्रेलर से 220 किलो डोडा पोस्त बरामद किया था। यह ड्राइवर सीट के पीछे बने लकड़ी के प्लाईवुड बक्से में 15 टाट के बोरों में छिपाकर रखा गया था। इस मामले में पुलिस ने भीलवाड़ा के जोधराज आसींद निवासी जगदीश चंद्र पुत्र गोकल, जोधपुर के गुडा विश्नोइयां निवासी बाबूराम पुत्र मीरा राम और रमेश पुत्र भलाराम को गिरफ्तार किया था। विशिष्ट लोक अभियोजक डॉ. लक्ष्मण सिंह बाला द्वारा पेश किए गए सभी तर्कों और सबूतों को सुनने के बाद कोर्ट ने तीनों आरोपियों को दोषी पाया। न्यायाधीश ने प्रत्येक आरोपी को 10 वर्ष का कठोर कारावास और 2 लाख रुपए का अर्थदंड लगाया है।


