बूंदी के कुंभा स्टेडियम में आगामी 30 जनवरी से चार दिवसीय संभाग स्तरीय आरोग्य मेले का आयोजन किया जाएगा। इस मेले में आयुष विधाओं के 200 से अधिक विशेषज्ञ डॉक्टर अपनी सेवाएं देंगे, जिससे स्वास्थ्य का महाकुंभ सजेगा। मेले के सफल आयोजन के लिए रविवार को उपनिदेशक कार्यालय में आरोग्य मेला क्रियान्वयन समिति की बैठक हुई। आयुर्वेद विभाग कोटा संभाग की अतिरिक्त निदेशक और मेले की नोडल अधिकारी डॉ. अंजना शर्मा ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए तैयारियों की समीक्षा की और विभिन्न समितियों का गठन किया। डॉ. अंजना शर्मा ने बताया कि मेले में 40 से अधिक स्टॉल लगाई जाएंगी। यहां आने वाले मरीजों को पंचकर्म, क्षारसूत्र, अग्निकर्म, जलौका, कपिंग थेरेपी, आयुर्वेद न्यूरोथेरेपी, यूनानी और होम्योपैथी जैसी विधाओं का निशुल्क परामर्श और इलाज मिलेगा। इसके अतिरिक्त, मेले में सौंदर्य क्लिनिक, बुजुर्गों के लिए जरावस्था इकाई, बच्चों के लिए स्वर्ण प्राशन (आयुर्वेदिक इम्यूनाइजेशन) और महिलाओं के लिए स्त्री रोग व प्रसूता इकाई विशेष रूप से संचालित होंगी। औषधीय पादप प्रदर्शनी भी मेले का एक प्रमुख आकर्षण रहेगी। राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय कोटा की ओर से विशेष स्टॉल लगाई जाएंगी, जहां विशेषज्ञ नाड़ी परीक्षा, प्रकृति परीक्षण और मर्म चिकित्सा करेंगे। नशामुक्ति के लिए भी एक अलग काउंटर स्थापित किया जाएगा। मेले में केवल उपचार ही नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन शैली के गुर भी सिखाए जाएंगे। ‘रसोईघर एक औषधालय’, ‘इम्यूनिटी कैसे बढ़ाएं’, ‘तनाव प्रबंधन’ और ‘मधुमेह उपचार’ जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर राज्य स्तरीय विशेषज्ञ व्याख्यान देंगे। मेले के दौरान 30 जनवरी से 2 फरवरी तक हर शाम को योग सांस्कृतिक संध्या, लोक गायन और स्वास्थ्य काव्यगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। रविवार को हुई बैठक में आयुर्वेद उपनिदेशक डॉ. मालती पारीक, पीएमओ डॉ. सुनील कुशवाह, सहायक निदेशक डॉ. भोलेश कुमार जैन, डॉ. मनीष माथुर, डॉ. नरेन्द्र कुमार, डॉ. मृत्युंजय गौतम, डॉ. हिमालय आर्य और सहायक लेखाधिकारी दीप्ति माहेश्वरी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।


