संगरूर में कॉन्स्टेबल बहन और मां की हत्या कर शवों को कार में फेंका दिया और एक्सीडेंट दिखने के लिए कार को पेड़ से टकरा दिया। इसके बाद शवों और कार पर पेट्रोल डाला और आग लगा दी। मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि इस मामले में पुलिस ने आरोपी कॉन्स्टेबल भाई गुरप्रीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, जो सदर पुलिस थाने में तैनात है। उसने पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार भी कर लिया है। भाई-बहन के बीच प्रॉपर्टी का विवाद चल रहा था। इसी को लेकर यह मर्डर किया गया। मां को भाई के घर छोड़ने गई बहन चीमा ने बताया कि 17 जनवरी को पुलिस को सूचना मिली कि कॉन्स्टेबल सरबजीत कौर (35) (जो पंजाब पुलिस में CID यूनिट दिडबा में ड्यूटी पर थी) अपनी कार नंबर PB-13BS-1294 से सुबह घर से भाई के गांव जाने के लिए निकली थी। जिसे अपनी मां इंदरजीत कौर (55) को वहीं छोड़कर अपनी ड्यूटी पर जाना था। रास्ते में उसकी कार का एक्सीडेंट हो गया। सुलर घराट से गांव छाहड़ जाने वाली सड़क पर कार में आग लगने से मां-बेटी दोनों की मौत हो गई, जिनके कंकाल कार में पड़े थे। हादसे के बाद लोगों ने शक जताया कि दोनों की हत्या की गई है। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच की और तार भाई तक पहुंचे। शवों और कार को आग लगाई वित्त मंत्री ने बताया कि जांच के दौरान 23 जनवरी को गुरप्रीत सिंह निवासी मौरां का पता लगाकर उसे गिरफ्तार किया गया और गहनता से पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने 16/17 जनवरी की मध्य रात्रि को अपनी बहन सरबजीत कौर व माता इंद्रजीत कौर की हत्या कर शवों को कार में रखा, फिर एक्सीडेंट दिखाने के लिए कार को पेड़ से टकराया, शवों और कार पर पेट्रोल डाला और आग लगा दी, इसके बाद मौके से भाग गए। मामले की जांच कर रही पुलिस मामले में क्राइम 103 BNS बढ़ाकर क्राइम 281,106 BNS कर दिया गया, आरोपियों का रिमांड मिलने के बाद आगे की पूछताछ की जाएगी, और भी अहम खुलासे होने की संभावना है।


