जिला कलेक्टर अरुण गर्ग ने राजकीय बीडीके अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वार्डों में जाकर मरीजों का हाल जाना और अस्पताल प्रशासन को व्यवस्थाएं और बेहतर करने के निर्देश दिए। मेडिसिन वार्ड के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर की मुलाकात विकास भूरिया निवासी पूरा की ढाणी से हुई। विकास पिछले 8 साल से एप्लास्टिक एनीमिया (PNH) जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है। विकास को डॉक्टरों ने बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सलाह दी है। कलेक्टर ने पीएमओ को तुरंत निर्देश दिए कि मरीज की विस्तृत रिपोर्ट बनाकर सरकार को भेजी जाए, ताकि उसे इलाज के लिए पूरी आर्थिक सहायता मिल सके। आईसीयू और वार्डों का फीडबैक कलेक्टर ने आईसीयू में भर्ती बुजुर्ग मरीज जगदीश और सर्जरी वार्ड के मरीजों से बात की। मरीजों ने बताया कि डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ समय पर देखभाल कर रहे हैं। कलेक्टर ने अस्पताल की साफ-सफाई और मरीजों की संतुष्टि देख खुशी जताई। उन्होंने अस्पताल के पार्कों में जनसहयोग से सीमेंट की बेंच रखवाने और अधिक पौधारोपण करने के निर्देश दिए। डॉक्टरों की कमी और बुनियादी सुविधाओं पर चर्चा अस्पताल की जरूरतों को लेकर पीएमओ डॉ. जितेंद्र भाम्बू ने कलेक्टर के सामने कुछ मुख्य मांगें रखीं। सोनोलॉजिस्ट की नियुक्ति के लिए चर्चा की गई। सोनोग्राफी के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर की कमी को दूर करने के प्रयास जारी हैं। स्टाफ क्वार्टर के निर्माण और अस्पताल की खराब सड़कों की मरम्मत के लिए चर्चा की गई। निरीक्षण के दौरान आरएमओ डॉ. विजय झाझड़िया, डॉ. सलीम जाजोदिया, डॉ. संजय खींचड़, डॉ. नावेद और नर्सिंग अधीक्षक ओमप्रकाश जांगीड़ सहित अस्पताल का पूरा स्टाफ मौजूद रहा।


